लखीमपुर खीरी: समाजवादी पार्टी के दो सांसदों ने अपने भाजपा में शामिल होने की खबरों का पूरी तरह खंडन किया है. धौरहरा से सपा सांसद आनंद भदौरिया और खीरी से सांसद उत्कर्ष वर्मा ने इन दावों को पूरी तरह झूठा और बेबुनियाद बताया है. उन्होंने एक फेसबुक पेज पर फैलाई जा रही इस खबर के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है.
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दोनों सांसदों ने सपा के जिला अध्यक्ष रामपाल सिंह यादव और पूर्व जिला अध्यक्ष अनुराग पटेल के साथ पुलिस से मुलाकात की. उन्होंने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट की जरूरी धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग की है.
'अखिलेश यादव के साथ एकजुट हैं सभी सांसद'
पत्रकारों से बातचीत में दोनों सांसदों ने साफ कहा कि पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के मुद्दे पर जीते सपा के सभी 37 सांसद पूरी तरह एकजुट हैं और पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के साथ चट्टान की तरह खड़े हैं.
सांसद आनंद भदौरिया ने कहा कि विपक्षियों द्वारा इस तरह के बदनाम करने वाले तरीके अपनाए जा रहे हैं. यह साल 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से पहले समाजवादी पार्टी की बढ़ती ताकत को देखकर उनके डर को दिखाता है. वहीं, पूर्व जिला अध्यक्ष अनुराग पटेल ने इसे विपक्ष को बदनाम करने और अस्थिर करने की सत्ताधारी पार्टी के नेताओं की सुनियोजित साजिश बताया.
राजभर और केशव प्रसाद मौर्य के दावों से गरमाई है सियासत
- ओम प्रकाश राजभर का दावा: सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के प्रमुख और यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने दावा किया था कि सपा में बड़ी टूट होने वाली है और कई नेता भाजपा में जाने को तैयार हैं. इस पर अखिलेश यादव ने राजभर को "अफवाह फैलाने वाला मंत्री" कहा था.
- डिप्टी सीएम का बयान: यूपी के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी हाल ही में दावा किया था कि सपा के 25-26 सांसद पार्टी छोड़ने के लिए तैयार हैं, हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि भाजपा किसी तरह की दलबदल कराने की कोशिश नहीं कर रही है.
फिलहाल, समाजवादी पार्टी के नेताओं ने इन सभी दावों को सिरे से खारिज करते हुए इसे केवल सोशल मीडिया और बयानों के जरिए भ्रम फैलाने की कोशिश बताया है.
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