अखिलेश से दोबारा गठबंधन चाहते थे राजभर? टूट वाले दावे पर सपा सांसद राजीव राय ने बता दी 'एजेंट' वाली बात

Mudde Ki Baat: समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय ने ओम प्रकाश राजभर के उस दावे को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने सपा में बड़ी टूट की बात कही थी. राय ने कहा कि पार्टी के सभी सांसद और विधायक अखिलेश यादव के साथ एकजुट हैं.

UP Tak

यूपी तक

• 07:58 PM • 18 Jun 2026

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उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानों का बाजार गर्म है. सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के प्रमुख और योगी सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने दावा किया है कि शिवसेना और टीएमसी की तरह अब समाजवादी पार्टी में भी बड़ी टूट होने वाली है. 

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राजभर का आरोप है कि सपा नेता रामगोपाल यादव ने घोटालों की जांच से परिवार को बचाने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को एक चिट्ठी सौंपी है. यूपी तक से बातचीत के दौरान राजभर के इस दावे पर समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद राजीव राय ने बेहद तीखा पलटवार किया है.

राजभर को 'बकबकाइटिस' की बीमारी: राजीव राय

सपा सांसद राजीव राय ने ओम प्रकाश राजभर के दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है. उन्होंने कहा कि राजभर को 'बकबकाइटिस' यानी जरूरत से ज्यादा बोलने की गंभीर बीमारी हो गई है. राजीव राय ने साफ शब्दों में कहा कि समाजवादी पार्टी में न तो कोई टूट है और न ही कभी होगी. उन्होंने दावा किया कि पार्टी के सभी 37 सांसद और विधायक अखिलेश यादव के साथ मजबूती से खड़े हैं.

'सपा से गठबंधन के लिए राजभर ने भेजे थे एजेंट'

राजीव राय ने एक बड़ा खुलासा करते हुए दावा किया कि ओम प्रकाश राजभर खुद समाजवादी पार्टी के साथ दोबारा जुड़ना चाहते थे. इसके लिए उन्होंने अपने कुछ एजेंटों के जरिए अखिलेश यादव से संपर्क साधने की कोशिश भी की थी, लेकिन सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने उनके इस ऑफर को सीधे तौर पर ठुकरा दिया.

दिल्ली में भाजपा आलाकमान से पड़ी डांट

सपा सांसद ने आरोप लगाया कि राजभर केवल सपा से ही नहीं, बल्कि अपनी सहयोगी भाजपा से भी परेशान हैं. राय के मुताबिक, राजभर पिछले दिनों दिल्ली में भाजपा के बड़े नेताओं से सीटें मांगने और सौदेबाजी करने गए थे. लेकिन वहां भाजपा नेतृत्व ने उन्हें उनकी हैसियत याद दिलाते हुए जमकर फटकार लगाई. 

भाजपा नेताओं ने राजभर से कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में वे अपने बेटे को भी नहीं जिता पाए और उपचुनावों में भी उनकी वजह से हार का सामना करना पड़ा, इसलिए वे ज्यादा सीटों की उम्मीद न रखें.

चंदा चोरी के मुद्दे से ध्यान भटकाने की साजिश

राजीव राय ने एक और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राम मंदिर के चंदे की हेराफेरी में शामिल एक खास लॉबी इस समय घिरी हुई है. मीडिया और जनता का ध्यान इस मुद्दे से भटकाने के लिए वह लॉबी ओम प्रकाश राजभर को फंडिंग कर रही है. राजभर पैसे के लिए कुछ भी बोल सकते हैं और इसी वजह से वे सपा में टूट जैसी मनगढ़ंत कहानियां सुनाकर असली मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास कर रहे हैं.

कांग्रेस के साथ गठबंधन पर कोई असर नहीं

सपा और कांग्रेस के गठबंधन टूटने की अफवाहों पर राजीव राय ने कहा कि दोनों पार्टियों का शीर्ष नेतृत्व इन चालों को अच्छी तरह समझता है. भाजपा और उसके सहयोगी दल चाहे जितना भ्रम फैलाने की कोशिश कर लें, इंडिया गठबंधन पूरी तरह एकजुट है और आने वाले 2027 के विधानसभा चुनाव में भी मिलकर मुकाबला करेगा.