यूपी Tak का खास शो आज का यूपी हाजिर है. इस बेहद खास एपिसोड में हम उत्तर प्रदेश की राजनीति को हिलाकर रख देने वाली आज की तीन बड़ी खबरों और सियासी उठापटक का विस्तृत विश्लेषण कर रहे हैं. आज की पहली बड़ी खबर समाजवादी पार्टी के भीतर टीएमसी और शिवसेना जैसी बड़ी टूट होने के दावों और सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर की उस कथित चिट्ठी की है, जिसने लखनऊ से दिल्ली तक हड़कंप मचा दिया है. वहीं, दूसरी बड़ी खबर बीजेपी सरकार के कैबिनेट मंत्री राकेश सचान की अपनी ही सरकार के अधिकारियों के खिलाफ खुलकर सामने आई भारी नाराजगी और अखिलेश यादव द्वारा उन्हें सपा में आने के खुले ऑफर की है. तीसरी बड़ी खबर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के उस तीखे हमले की है, जिसमें उन्होंने साल 2027 के विधानसभा चुनाव के बाद समाजवादी पार्टी का हश्र पश्चिम बंगाल की टीएमसी जैसा होने की बड़ी भविष्यवाणी कर दी है.
ADVERTISEMENT
'सपा के 30 लोग टूटने को तैयार'- ओम प्रकाश राजभर का बड़ा शगूफा, अखिलेश यादव ने किया तीखा पलटवार
उत्तर प्रदेश की सियासत में अचानक 'ऑपरेशन लोटस' और बड़ी टूट की चर्चाएं तेज हो गई हैं. सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने एक सनसनीखेज दावा करते हुए सोशल मीडिया पर वीडियो जारी किया है. राजभर का दावा है कि समाजवादी पार्टी के करीब 30 लोग (सांसद और बड़े नेता) टूटने के लिए तैयार बैठे हैं.
राजभर ने आरोप लगाया कि सपा के राष्ट्रीय महासचिव प्रोफेसर रामगोपाल यादव ने बकायदा देश के गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर उन्हें एक चिट्ठी सौंपी है. राजभर के मुताबिक, इस चिट्ठी में खनन घोटाले में अखिलेश यादव और गोमती रिवर फ्रंट मामले में शिवपाल यादव के परिवार को सीबीआई (CBI) से बचाने की गुहार लगाई गई है और इसके बदले में सपा सांसदों को बीजेपी के साथ भेजने का सौदा किया गया है.
अखिलेश यादव का पलटवार और ट्वीट:
इस दावे के बाद मची खलबली पर अखिलेश यादव ने पहले तो इसे नजरअंदाज किया, लेकिन माहौल गहराता देख उन्होंने शाम को राजभर पर सीधा हमला बोला. अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा, "भविष्यवाणी करने वाले अपनी पार्टी की भविष्यवाणी करें कि उन्हें भाजपा 75 सीट दे रही है, 50 या फिर सिर्फ आश्वासन. उन्होंने भाजपा के गठबंधन से 30 सीटें मिलने की अफवाह फैलाकर जो पैसा एडवांस में लिया है, वह लोग इन्हें ढूंढ रहे हैं."
अखिलेश यादव ने साफ किया कि जो लोग डर जाएंगे, वो दल छोड़ देंगे. बीजेपी से मुकाबला करने के लिए बहादुर लोगों की टीम चाहिए और सपा इसके लिए पूरी तरह तैयार है. वहीं शिवपाल यादव ने भी राजभर के बयान को सिर्फ टीआरपी बटोरने का जरिया करार दिया है.
अपनी ही सरकार में घिरे मंत्री राकेश सचान!
उत्तर प्रदेश की बीजेपी सरकार के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है, ऐसा ही एक नजारा कैबिनेट मंत्री राकेश सचान के वायरल वीडियो से देखने को मिल रहा है. हाल ही में मंत्री राकेश सचान का पोर्टफोलियो बदला गया था. इसके बाद सरकार द्वारा गांवों में लगाई जा रही चौपालों के दौरान उनकी भारी नाराजगी खुलकर सामने आ गई.
राकेश सचान एक चौपाल में अधिकारियों पर भड़कते हुए दिखे और उन्होंने साफ कहा कि कोई भी अधिकारी उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है. वीडियो में वह कहते नजर आ रहे हैं, "यहां पंचायत चल रही है और रेवेन्यू विभाग का कोई भी अधिकारी नहीं है. ना एसडीएम है, ना तहसीलदार है. आपने पंचायतों को मजाक बना रखा है."
अखिलेश यादव ने खेला दांव:
इस वीडियो के सामने आने के बाद समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने बीजेपी में घुटन महसूस कर रहे ओबीसी और दलित नेताओं पर डोरे डालना शुरू कर दिया है. अखिलेश यादव ने राकेश सचान का जिक्र करते हुए उन्हें सीधे तौर पर ऑफर दे दिया कि अगर वे वहां अपमानित महसूस कर रहे हैं, तो भारतीय जनता पार्टी छोड़कर समाजवादी पार्टी का दामन थाम लें. अखिलेश का दावा है कि बीजेपी के कई मंत्री और विधायक पाला बदलने को तैयार बैठे हैं.
'2027 में सैफई लौट जाएगी सपा'- डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य की बड़ी भविष्यवाणी
सपा के भीतर टूट और राजभर के बयानों के बीच उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी समाजवादी पार्टी पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है. कानपुर के दौरे पर पहुंचे केशव प्रसाद मौर्य ने पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र की राजनीति का हवाला देते हुए सपा के भविष्य को लेकर एक बड़ी भविष्यवाणी कर दी.
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि समाजवादी पार्टी को इस मुगालते में नहीं रहना चाहिए कि 2024 के लोकसभा चुनाव के नतीजे हमेशा रहेंगे. उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा, "पूरी उम्मीद रखिए, जो हश्र टीएमसी (TMC) का पश्चिम बंगाल की राजनीति में हुआ है, उससे भी बुरा हश्र समाजवादी पार्टी का साल 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में होने वाला है. जब 2027 में सपा चुनाव में चारों खाने चित होगी, तो ये सीधे सैफई में ही नजर आएंगे."
डिप्टी सीएम के इस बयान से साफ है कि बीजेपी आने वाले दिनों में समाजवादी पार्टी के खिलाफ अपने आक्रामक रुख को और तेज करने वाली है, जिससे यूपी का सियासी पारा आगामी दिनों में और ज्यादा गरमाना तय है.
यहां देखें पूरा शो
ADVERTISEMENT










