Rajeev Rai on OP Rajbhar: समाजवादी पार्टी में टूट के दावों को लेकर मऊ के घोसी से सपा सांसद राजीव राय ने एनडीए सहयोगी और कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर पर तीखा हमला बोला है. राजीव राय ने राजभर के दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए उन्हें 'बकबकाइटिस' नाम की गंभीर बीमारी से पीड़ित बताया और कहा कि चुनाव आते ही वह विक्षिप्त अवस्था में आ जाते हैं. सपा सांसद ने दावा किया कि आगामी 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी का पूरी तरह से द एंड हो जाएगा और उनका खाता भी नहीं खुलेगा.
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'राजभर का सोशल मीडिया पासवर्ड भाजपा के पास'
ओमप्रकाश राजभर द्वारा सपा सांसदों के टूटने और रामगोपाल यादव की गृह मंत्री को कथित चिट्ठी लिखे जाने के दावों पर जवाब देते हुए राजीव राय ने कहा कि राजभर की बातों को गंभीरता से लेना बंद कर देना चाहिए. उन्होंने कहा 'मुझे बताया गया है कि ओमप्रकाश राजभर का सोशल मीडिया आईडी और पासवर्ड भाजपा के पास है. यह साबित करता है कि उनकी बकबकाइटिस की बीमारी अब लाइलाज हो चुकी है. यह एक प्रदूषण फैलाने वाली और संक्रामक बीमारी है. इसलिए मीडिया के साथी भी उन्हें गंभीरता से न लें, नहीं तो यह बीमारी आपको भी लग जाएगी.'
'घोसी से बेटे को हराया अब कहीं से नहीं जीतने दूंगा'
2024 के लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हुए राजीव राय ने कहा कि उन्होंने राजभर के बेटे (अरविंद राजभर) को ऐतिहासिक वोटों से हराया था. उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि राजभर भले ही अब आजमगढ़ जाने या अपने बेटे को जहूराबाद या कहीं और से लड़ाने की बात कर रहे हों. लेकिन वह जहां से भी लड़ेंगे, मैं उन्हें वहां से जीतने नहीं दूंगा.
जब राजभर के इस दावे पर सवाल किया गया कि 'सपा उनकी वजह से जीती है' तो राजीव राय ने पलटवार किया और कहा कि 'अगर हमारे जीतने की वजह वह खुद थे, तो फिर हमारे खिलाफ चुनाव लड़कर वह इतनी बुरी तरह क्यों हार गए? इस बीमारी में इंसान अपना मानसिक संतुलन खो बैठता है.'
ओवैसी और चंद्रशेखर की सक्रियता पर कही यह बात
चुनाव से ठीक पहले असदुद्दीन ओवैसी की रैलियों और सपा पर किए जा रहे हमलों को लेकर सांसद ने कहा कि ओवैसी हर चुनाव में लड़ते हैं और बोलते हैं, इससे पहले भी कुछ नहीं हुआ और इस बार भी कुछ नहीं होगा. मुस्लिम वोट बैंक पूरी तरह सपा के साथ है. वहीं चंद्रशेखर आजाद और स्वामी प्रसाद मौर्य की मुलाकात तथा 'थर्ड फ्रंट' (तीसरे मोर्चे) की सुगबुगाहट पर उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ये सभी सीजनल लोग हैं जो चुनाव आते ही एक्टिव हो जाते हैं और चुनाव खत्म होते ही हाइबरनेशन में चले जाते हैं. उत्तर प्रदेश की जनता भली-भांति जानती है कि उसका भविष्य कहां है.
2027 की चुनावी रणनीति पर सस्पेंस
जब राजीव राय से पूछा गया कि आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा को पटखनी देने के लिए समाजवादी पार्टी की क्या स्ट्रेटजी है और उम्मीदवारों का चयन कैसे होगा, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा 'हमने 2024 के चुनाव में भी अपनी रणनीति किसी को नहीं बताई थी और नतीजा सबके सामने है. 2027 की रणनीति भी हम अभी नहीं बताएंगे. जब चुनाव जीतकर अखिलेश यादव मुख्यमंत्री पद की शपथ ले लेंगे, तब हम आपको बताएंगे कि हमारी असली स्ट्रेटजी क्या थी.'
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