क्या अखिलेश यादव और कांग्रेस का गठबंधन 2027 तक चलेगा? शुरु हुई सियासी चर्चा

कुमार अभिषेक

24 Jun 2026 (अपडेटेड: 20 Jul 2026, 12:06 PM)

2027 यूपी विधानसभा चुनाव से पहले सपा और कांग्रेस के बीच सीट शेयरिंग और मुस्लिम वोट बैंक को लेकर सियासी तकरार तेज हो गई है. जानिए अखिलेश यादव और इमरान मसूद के बड़े बयान.

Rahul Gandhi | Akhilesh Yadav | Imran Masood

Rahul Gandhi | Akhilesh Yadav | Imran Masood

Google CTA

UP News: यूपी Tak के खास और लोकप्रिय शो 'आज का यूपी' में आपका स्वागत है, जहां हम लेकर आते हैं उत्तर प्रदेश की राजनीति की तीन सबसे बड़ी खबरों का सटीक विश्लेषण. आज के इस खास एपिसोड में 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के बीच इंडिया (I.N.D.I.A.) गठबंधन में मची भारी खींचतान पर बड़ा खुलासा हुआ है. आज की पहली बड़ी खबर सपा प्रमुख अखिलेश यादव के उस चौंकाने वाले इंटरव्यू से जुड़ी है, जिसमें उन्होंने कांग्रेस के 170 सीटों के दावे की धज्जियां उड़ाते हुए उनकी जमीनी तैयारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. वहीं, आज की दूसरी बड़ी खबर कांग्रेस के कद्दावर नेता इमरान मसूद के उस तल्ख तेवर पर आधारित है, जिसमें उन्होंने साफ कर दिया है कि कांग्रेस सपा से 'भीख' नहीं मांग रही बल्कि बराबरी की हिस्सेदारी चाहती है. इसके साथ ही, आज की तीसरी बड़ी खबर उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े मुस्लिम वोट बैंक को लेकर है, जहां इमरान मसूद ने सीधे अखिलेश यादव को कटघरे में खड़ा करते हुए मुसलमानों के मुद्दे पर उनकी 'खामोशी' को लेकर बड़ा हमला बोला है. आइए, इन तीनों बड़ी खबरों को विस्तार से समझते हैं.

यह भी पढ़ें...

1. अखिलेश यादव का कांग्रेस पर सीधा तंज: '350 सीटों पर तो मौजूदगी ही नहीं'

2027 के यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर भले ही राहुल गांधी और अखिलेश यादव की केमिस्ट्री को शानदार माना जाता रहा हो, लेकिन जमीनी हकीकत बिल्कुल अलग नजर आ रही है. अखिलेश यादव ने एक मशहूर मैगजीन को दिए अपने ताजा इंटरव्यू में कांग्रेस को बड़ा झटका दिया है. अखिलेश ने साफ शब्दों में कहा कि कांग्रेस जिस तरह की बड़ी तैयारियों के दावे कर रही है, ग्राउंड पर उनकी तैयारी उस लेवल की बिल्कुल नहीं है.

जब अखिलेश यादव से पूछा गया कि कांग्रेस तो सभी 403 सीटों पर तैयारी कर रही है, तो उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि उन्हें भी 403 सीटों पर तैयारी करनी चाहिए, हम डबल ताकत से लड़ेंगे. हालांकि, उन्होंने साफ शब्दों में यह भी एहसास करा दिया कि यूपी की 403 सीटों में से कम से कम 350 सीटों पर कांग्रेस की कोई जमीनी प्रेजेंस (मौजूदगी) नहीं है. राजनीतिक गलियारों में अखिलेश के इस बयान को एक बड़ा अल्टीमेटम माना जा रहा है कि सपा आगामी गठबंधन में कांग्रेस को 50-53 से अधिक सीटें देने के मूड में नहीं है.

2. इमरान मसूद का सपा को करारा जवाब- 'हम भीख नहीं मांग रहे, टेबल पर होगी बात'


अखिलेश यादव के इस अविश्वास और कड़े रुख के पीछे कांग्रेस का वह अंदरूनी दावा है, जिसे कुछ समय पहले कांग्रेस नेता इमरान मसूद ने उजागर किया था. इमरान मसूद ने यूपी तक के खास पॉडकास्ट में अपनी रणनीति का खुलासा करते हुए कहा था कि कांग्रेस ने अपनी 'ए-ग्रेड' (यानी जीतने योग्य मजबूत सीटें) की 170 सीटों की सूची तैयार कर ली है.

अखिलेश के रुख पर पलटवार करते हुए मसूद ने कड़े लहजे में कहा कि कांग्रेस इस बार याचक की भूमिका में नहीं रहने वाली है. उन्होंने स्पष्ट किया:

"हम किसी से 60-70 सीटें मांग नहीं रहे हैं. यह बात बिल्कुल साफ होनी चाहिए कि हमें गठबंधन में किसी से भीख नहीं चाहिए. जब बात होगी तो दोनों पार्टियां आमने-सामने बैठकर टेबल पर बात करेंगी. कोई किसी को सीटें 'देगा' नहीं, बल्कि दोनों के जनाधार के हिसाब से हिस्सेदारी तय होगी."

3. मुसलमानों के मुद्दे पर भी बढ़ा झगड़ा: कांग्रेस ने अखिलेश को घेरा

सपा और कांग्रेस के बीच चल रहा यह विवाद सिर्फ सीट शेयरिंग (सीटों के बंटवारे) तक ही सीमित नहीं रह गया है, बल्कि अब यह राज्य के सबसे संवेदनशील 'मुस्लिम वोट बैंक' की राजनीति तक पहुंच चुका है. इमरान मसूद ने सीधे अखिलेश यादव की राजनीतिक नीतियों पर बड़ा सवाल दाग दिया है.

मसूद ने एक अन्य इंटरव्यू में आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में जब मुस्लिम समुदाय पर संकट आता है, तो समाजवादी पार्टी पूरी तरह मौन धारण कर लेती है. उन्होंने तीखा हमला बोलते हुए कहा:

"उत्तर प्रदेश के अंदर मुसलमानों पर अत्याचार हो रहे हैं, हमारी मस्जिदें और दरगाहें प्रभावित हो रही हैं, लेकिन अखिलेश यादव के मुंह से एक शब्द नहीं निकल रहा है. मुसलमानों के मुद्दों पर अखिलेश जी की यह रहस्यमयी खामोशी अब मुस्लिम समुदाय की समझ में नहीं आ रही है और यह अब और ज्यादा दिन नहीं चलने वाला है."

यूपी तक के खास शो 'आज का यूपी' में जानिए 2027 चुनाव से पहले सपा और कांग्रेस के बीच मचे भयंकर घमासान का पूरा विश्लेषण. अखिलेश यादव ने उठाए कांग्रेस की तैयारियों पर सवाल, तो इमरान मसूद ने मुस्लिम मुद्दों पर घेरा.