‘बागी बलिया’ के नए बागी बने विधायक सुरेंद्र सिंह! क्या BJP को पंहुचा पाएंगे नुकसान?

यूं तो बलिया में बगावत की अलग-अलग कहानियां वक्त दर वक्त सामने आती रहती हैं, लेकिन ‘बागी बलिया’ के इतिहास में बगावत का सुर छेड़ने…

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कुमार अभिषेक

• 09:21 AM • 09 Feb 2022

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यूं तो बलिया में बगावत की अलग-अलग कहानियां वक्त दर वक्त सामने आती रहती हैं, लेकिन ‘बागी बलिया’ के इतिहास में बगावत का सुर छेड़ने वाला नया नाम शामिल हो गया है और यह नाम है बीजेपी के विधायक सुरेंद्र सिंह का. दरअसल सुरेंद्र सिंह बलिया के बैरिया विधानसभा सीट से बीजेपी के विधायक हैं, लेकिन आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया है. बता दें कि बीजेपी ने सुरेंद्र सिंह की जगह बलिया से विधायक और राज्यमंत्री आनंद स्वरूप शुक्ला को मैदान में उतारा है.

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टिकट कटने के बाद सुरेंद्र सिंह का बागी तेवर एक बार फिर सामने आया है. सुरेंद्र सिंह ने दावा किया है कि उन्होंने बीजेपी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. बीजेपी से बगावत करने वाले सुरेंद्र सिंह अब निर्दल उम्मीदवार के तौर पर मैदान में ताल ठोंकने की बात कर रहे हैं. सुरेंद्र सिंह का कहना है कि अगर कोई भी दल उन्हें सम्मान के साथ बुलाकर टिकट देता है, तो उन्हें उस पार्टी में शामिल होने में कोई ऐतराज नहीं है.

ऐसा नहीं है कि सुरेंद्र सिंह का यह बागी तेवर पहली बार सामने आया है. अपने बगावती तेवर और अपने बयानों से हमेशा सुर्खियों में रहने वाले विधायक सुरेंद्र सिंह पूरे पांच साल धारा के विपरीत बहते रहे है. कभी अपनी ही पार्टी बीजेपी के खिलाफ बोल कर, तो कभी कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के विरुद्ध बोल कर उन्होंने सुर्खियां बटोरीं.

यही नहीं सुरेंद्र सिंह ने समय-समय पर अपनी पार्टी के बड़े फैसलों के खिलाफ भी अपनी आवाज बुलंद की. चाहे एससी-एसटी कानून हो या अक्टूबर 2020 में हुआ बहुचर्चित दुर्जनपुर हत्या कांड. इस बार के चुनाव में सुरेंद्र सिंह के टिकट कटने के पीछे उनके बागी तेवर को ही कारण माना जा रहा है. वहीं, दूसरी तरफ यह भी कयास लगाया जा रहा है कि बलिया लोकसभा से बीजेपी सांसद वीरेंद्र सिंह और उनके बीच जिस तरह से मतभेद सामने आए थे वह भी टिकट कटने का एक कारण हो सकता है. सूत्रों के अनुसार, दोनों नेताओं के झगड़े में पार्टी को बड़ा नुकसान इस चुनाव में उठाना पड़ सकता है.

टिकट कटने के बाद सुरेंद्र सिंह का कहना है, “जो कभी न झुका, उसका नाम सुरेंद्र है. मैंने टिकट कटने के बाद झुक कर कभी योगी और मोदी जी से टिकट में लिए याचना नहीं की.” उन्होंने कहा कि एसपी के स्थानीय नेताओं ने भी अखिलेश यादव से मिलकर टिकट की वकालत की, मगर अखिलेश यादव से भी उन्होंने टिकट मांगने से इनकार कर दिया. सुरेंद्र सिंह ने कहा, “जरूरत पड़ी तो अपनी जनता के पैर छू लूंगा पर किसी गद्दार का पैर नहीं पकड़ूंगा .”

फिलहाल ‘बागी बलिया’ के इस नए बागी सुरेंद्र सिंह को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है. बलिया सहित आसपास के जिलों में भी सुरेंद्र सिंह के बागी तेवर की खूब चर्चा हो रही है, लेकिन सुरेंद्र सिंह का यह बागी तेवर आगे क्या रंग दिखाएगा यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा.

(अनिल अकेला के इनपुट्स के साथ)

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