UP Political News: उत्तर प्रदेश कैडर के दो चर्चित आईपीएस अधिकारियों, केके बिश्नोई (SP संभल) और अंशिका वर्मा (SP साउथ, बरेली) की शादी इन दिनों खुशियों से ज्यादा सियासी विवाद के कारण चर्चा में है. 30 मार्च को जोधपुर के एक भव्य रिसॉर्ट में हुए रिसेप्शन में संभल के तीन कद्दावर सपा विधायकों की मौजूदगी ने समाजवादी पार्टी के भीतर एक नया बवंडर खड़ा कर दिया है. अब खुद सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सार्वजनिक तौर पर इस पर नाराजगी जाहिर की है.
ADVERTISEMENT
जोधपुर के एक रिसॉर्ट में आयोजित इस ग्रैंड रिसेप्शन में बीजेपी के कई दिग्गजों के साथ संभल से सपा के तीन विधायक इकबाल महमूद, पिंकी यादव और राम खिलाड़ी यादव भी पहुंचे थे. इन विधायकों ने न केवल स्टेज पर जाकर नवविवाहित जोड़े के साथ फोटो खिंचवाई, बल्कि कार्यक्रम का पूरा लुत्फ भी उठाया. जैसे ही ये तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं, मामला सीधे लखनऊ स्थित सपा मुख्यालय पहुंच गया.
अखिलेश यादव की दोटूक- 'उन्हें शामिल नहीं होना चाहिए था'
2 अप्रैल को लखनऊ में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब अखिलेश यादव से इन विधायकों की मौजूदगी पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने स्पष्ट शब्दों में अपनी नाराजगी जाहिर की. अखिलेश ने कहा, "सपा विधायकों को वहां जाना नहीं चाहिए था. हम लोग आपस में बातचीत करके उन्हें समझाएंगे."
सपा मीडिया सेल ने किया तीखा हमला
अखिलेश यादव के बयान के बाद सपा मीडिया सेल (X हैंडल) ने इस आग में घी डालने का काम किया है. पोस्ट में एसपी केके बिश्नोई को विवादित और भाजपाई माइंडसेट वाला अधिकारी करार दिया गया. पोस्ट में लिखा गया कि ऐसे अधिकारी जो सत्ता के इशारे पर समाजवादियों पर अत्याचार करते हैं, वे हवा का रुख भांपकर मेलजोल बढ़ा रहे हैं. कार्यकर्ताओं को संदेश दिया गया कि ऐसे समाज विरोधी तत्वों से भरपूर दूरी बनाना नैतिक जिम्मेदारी है.
क्यों है सपा की नाराजगी
सपा की इस नाराजगी के पीछे संभल के एसपी केके बिश्नोई का पिछला ट्रैक रिकॉर्ड है. संभल की जामा मस्जिद सर्वे के बाद हुई हिंसा, बुलडोजर एक्शन और गिरफ्तारियों के दौरान एसपी बिश्नोई की भूमिका पर सपा लगातार हमलावर रही है. पार्टी का आरोप है कि उन्होंने भाजपा के एजेंडे पर काम किया है. ऐसे में उन्हीं के निजी कार्यक्रम में सपा विधायकों का ठहाके लगाना पार्टी को नागवार गुजरा है.
समझाने का मतलब क्या? चर्चाएं तेज
अब राजनीतिक हलकों में सबसे बड़ा सवाल यही है कि अखिलेश यादव द्वारा समझाने का क्या मतलब है? क्या विधायकों को कारण बताओ नोटिस जारी होगा या उन्हें सख्त हिदायत दी जाएगी?
यहां देखें वीडियो
ADVERTISEMENT









