सपा की बागी विधायक पूजा पाल को यूपी BJP ने दी बड़ी जिम्मेदारी, पंकज चौधरी की नई टीम में मिला ये पद

समाजवादी पार्टी से निष्कासित होने के बाद लगातार चर्चा में रहीं विधायक पूजा पाल को भाजपा ने बड़ी जिम्मेदारी दी है. पार्टी ने उन्हें उत्तर प्रदेश की नई प्रदेश कार्यकारिणी में उपाध्यक्ष बनाया है. कभी सपा की नेता रहीं पूजा पाल का यह राजनीतिक सफर अब फिर सुर्खियों में है.

Pooja Pal UP BJP Vice President

Pooja Pal UP BJP Vice President

आशुतोष चौबे

• 01:46 PM • 25 Jun 2026

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UP Politics: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) उत्तर प्रदेश ने अपनी नई प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा कर दी है. प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की ओर से जारी सूची में कुल 46 पदाधिकारियों को विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं. इस नई टीम में सबसे चर्चित नाम समाजवादी पार्टी की पूर्व विधायक पूजा पाल का है. भाजपा ने उन्हें कार्यकारिणी में उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी है. पूजा पाल का यह राजनीतिक सफर इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि कुछ महीने पहले तक वह समाजवादी पार्टी का हिस्सा थीं और बाद में पार्टी से निष्कासित कर दी गई थीं.

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सपा से निष्कासन के बाद सुर्खियों में आई थीं पूजा पाल

पूजा पाल को 14 अगस्त 2025 को समाजवादी पार्टी ने पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता के आरोप में निष्कासित कर दिया था. इससे पहले उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सार्वजनिक रूप से तारीफ की थी, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में उनकी भूमिका को लेकर चर्चाएं तेज हो गई थीं. पार्टी से बाहर किए जाने के बाद पूजा पाल लगातार सुर्खियों में बनी रहीं और उनके अगले राजनीतिक कदम पर नजर रखी जा रही थी.

योगी आदित्यनाथ से मुलाकात ने बढ़ाई थीं अटकलें

समाजवादी पार्टी से निष्कासित होने के दो दिन बाद, 16 अगस्त 2025 को पूजा पाल ने लखनऊ स्थित 5 कालिदास मार्ग पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी. यह मुलाकात इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी गई क्योंकि पार्टी से बाहर किए जाने के बाद मुख्यमंत्री से उनकी यह पहली मुलाकात थी. उस समय इस मुलाकात को लेकर कई तरह की राजनीतिक अटकलें लगाई गई थीं और माना जा रहा था कि उनका राजनीतिक रुख बदल सकता है.

अखिलेश यादव ने लगाया था गंभीर आरोप

पूजा पाल को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज रही. 24 अगस्त 2025 को समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाया था. उन्होंने कहा था कि विधायक पूजा पाल की जान को खतरा है और इसके पीछे भाजपा का हाथ हो सकता है. अखिलेश यादव ने यह भी कहा था कि इस मामले की जांच होनी चाहिए और यह पता लगाया जाना चाहिए कि आखिर पूजा पाल को किससे खतरा है. उनके इस बयान ने उस समय प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी थी.

नई जिम्मेदारी से बढ़ेगा राजनीतिक कद

अब भाजपा की नई प्रदेश कार्यकारिणी में उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलने के बाद पूजा पाल एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में हैं. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा ने उन्हें संगठन में अहम स्थान देकर स्पष्ट संकेत दिया है कि पार्टी उन्हें प्रदेश स्तर की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका देना चाहती है. आने वाले समय में उनकी नई जिम्मेदारी और सक्रियता पर सभी की नजर रहेगी.