मुकेश सहनी का बीजेपी को अल्टीमेटम, यूपी में 101 दिनों की 'निषाद संकल्प यात्रा' का किया ऐलान

यूपी तक

• 05:55 PM • 08 Jul 2026

देवरिया में मुकेश सहनी ने योगी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि आरक्षण नहीं तो वोट नहीं. उन्होंने 2027 चुनाव से पहले निषाद समाज को एससी आरक्षण देने की मांग की और 101 दिन की आरक्षण संकल्प यात्रा का ऐलान किया.

Vikassheel Insaan Party founder Mukesh Sahni

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Mukesh Sahani: विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के संस्थापक और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने उत्तर प्रदेश के देवरिया में योगी सरकार पर जमकर निशाना साधा है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि 'आरक्षण नहीं तो वोट नहीं' अब पूरे निषाद समाज का अंतिम संकल्प है. सहनी ने चेतावनी दी कि अगर साल  2027 के यूपी विधानसभा चुनाव से पहले निषाद समाज को अनुसूचित जाति (SC) का आरक्षण नहीं मिला तो पूरा समाज भाजपा के खिलाफ लोकतांत्रिक जंग लड़ेगा. इसके साथ ही उन्होंने उत्तर प्रदेश में 101 दिनों की 'निषाद आरक्षण संकल्प यात्रा' निकालने का भी ऐलान किया जिसमें समाज के लोग हाथ में गंगाजल लेकर भाजपा के खिलाफ वोट न देने की कसम खाएंगे.

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हाथ में गंगाजल लेकर निषाद समाज लेगा संकल्प

मुकेश सहनी ने बताया कि उत्तर प्रदेश में जल्द ही 101 दिनों की व्यापक 'निषाद आरक्षण संकल्प यात्रा' शुरू की जाएगी. इस यात्रा के दौरान पूरे प्रदेश के निषाद समाज के लोग हाथों में गंगाजल लेकर यह संकल्प लेंगे कि अगर मोदी-योगी सरकार ने चुनाव से पहले आरक्षण की मांग पूरी की तभी उन्हें समर्थन दिया जाएगा अन्यथा भाजपा का पूरी तरह से बहिष्कार होगा. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार वर्षों से केवल खोखले वादे कर निषाद समाज को ठगने का काम कर रही है.

डॉ. संजय निषाद को 6 महीने की मोहलत और 'इंडिया' गठबंधन को समर्थन

यूपी सरकार में मंत्री डॉ. संजय निषाद का नाम लिए बिना सहनी ने कहा कि अगर वे अगले छह महीने के भीतर समाज को आरक्षण दिलाने का ठोस निर्णय नहीं करवा पाते हैं तो वीआईपी पार्टी अपनी आगे की बड़ी राजनीतिक रणनीति तय करेगी. सहनी ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी इस समय इंडिया गठबंधन के साथ मजबूती से खड़ी है और राहुल गांधी के नेतृत्व में सामाजिक न्याय की लड़ाई लड़ रही है. उन्होंने कहा कि 'हमारा लक्ष्य 2029 में राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाना है. देश में जातीय जनगणना होनी चाहिए ताकि 'जिसकी जितनी आबादी, उसकी उतनी हिस्सेदारी' के तहत सबको हक और आरक्षण मिल सके.'

योगी सरकार पर लगाया अघोषित आपातकाल का आरोप

देवरिया में कार्यक्रम के दौरान हुए हंगामे और भारी पुलिस बल की तैनाती को लेकर मुकेश सहनी योगी सरकार पर बेहद भड़के नजर आए. उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें पहले लखनऊ में कई दिनों तक हाउस अरेस्ट रखा गया और अब देवरिया में भी प्रशासन ने पुलिस के दम पर माइक बंद कराकर उनका कार्यक्रम रोकने की कोशिश की. 

सहनी ने तीखा हमला बोलते हुए कहा 'अगर सरकार विपक्ष को अपनी बात रखने से रोकना चाहती है, तो खुलकर देश में आपातकाल की घोषणा कर दे. लोकतंत्र में किसी भी नागरिक को शांतिपूर्ण बैठक करने से रोकना तानाशाही है. जनता अब केवल चुनाव के समय याद करने वाली इस राजनीति को समझ चुकी है और वक्त आने पर इसका करारा जवाब देगी.'

'फर्जी एनकाउंटर महापाप है, पद के लिए नहीं सम्मान के लिए लड़ रहा हूं'

उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था और कथित फर्जी एनकाउंटरों के मुद्दे पर भी सहनी ने सरकार को घेरा. उन्होंने कहा कि सरकार को जनता का रक्षक होना चाहिए, भक्षक नहीं. किसी सरेंडर करने वाले व्यक्ति का एनकाउंटर करना महापाप है और उनकी पार्टी हर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए खड़ी रहेगी. मुकेश सहनी ने अंत में भावुक अपील करते हुए कहा कि उन्होंने पूर्व में बिहार में मंत्री पद सिर्फ अपने समाज के अधिकारों के लिए लात मारकर छोड़ दिया था. वे आगे भी किसी पद के भूखे नहीं हैं बल्कि निषाद समाज के सम्मान, आरक्षण और संविधान की रक्षा के लिए बच्चों के भविष्य की यह निर्णायक लड़ाई लड़ते रहेंगे.