UP Political News: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हाथरस में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विकास कार्यों के शंखनाद के बीच एक ऐसा सियासी वाकया हुआ, जिसने सूबे से लेकर दिल्ली तक के राजनीतिक गलियारों में सुगबुगाहट तेज कर दी है. सलेमपुर इंडस्ट्रियल एरिया में जब सीएम योगी 548 करोड़ रुपये की लागत वाली 143 विकास योजनाओं की सौगात दे रहे थे, तभी मंच से एक ऐसी राजनीतिक अपील हुई जिसने पूरे माहौल को पूरी तरह चुनावी रंग में रंग दिया.
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सादाबाद में स्टेडियम की मांग और आलू का दम
कार्यक्रम में मौजूद राष्ट्रीय लोक दल (RLD) के विधायक प्रदीप उर्फ गुड्डू चौधरी ने जब मंच संभाला, तो उन्होंने इलाके की जमीनी हकीकत को सामने रखा. विधायक ने सादाबाद क्षेत्र में बड़े पैमाने पर होने वाले आलू उत्पादन का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री योगी के सामने वहां एक वर्ल्ड क्लास स्टेडियम बनाने की पुरजोर मांग रखी.
2027 में 'यूपी की कमान' और 2029 में 'दिल्ली का सिंहासन'
लेकिन, बात सिर्फ क्षेत्रीय विकास की मांगों तक सीमित नहीं रही. रालोद विधायक ने मंच से जनता को संबोधित करते हुए एक बड़ा राजनीतिक दांव खेल दिया. उन्होंने वहां उमड़े जनसैलाब से सीधी अपील करते हुए कहा कि साल 2027 में योगी आदित्यनाथ को दोबारा मुख्यमंत्री की कुर्सी पर तो बैठाना ही है, लेकिन बात यहीं खत्म नहीं होगी. उन्होंने सीधे तौर पर मांग उठा दी कि साल 2029 के आम चुनावों में योगी आदित्यनाथ को दिल्ली की गद्दी सौंप दी जाए.
यहां देखें विधायक ने क्या कहा?
जनता से ली 'ऑन-द-स्पॉट' सहमति
विधायक प्रदीप उर्फ गुड्डू चौधरी का यह राजनीतिक तेवर यहीं नहीं थमा. अपने इस बड़े बयान को जनता की मुहर दिलाने के लिए उन्होंने सामने बैठी भीड़ की तरफ इशारा किया और वहां मौजूद सभी लोगों से 'हाथ उठाकर' इस मांग पर अपनी सहमति देने को कहा. मुख्यमंत्री की मौजूदगी में विधायक की इस अपील पर जनता ने भी हाथ उठाकर हुंकार भरी, जिसने हाथरस के इस सरकारी मंच को अचानक एक बड़े राजनीतिक संदेश के केंद्र में बदल दिया.
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