'गरीब, पिछड़ों और दलितों को न्याय नहीं, एनकाउंटर मिल रहा', जौनपुर में आजाद बिंद के परिवार से मिलने जा रहे मुकेश सहनी को पुलिस ने रोका तो उन्होंने ये कहा

बिहार के पूर्व मंत्री और वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी को जौनपुर में आजाद बिंद हत्याकांड के पीड़ित परिवार से मिलने जाते समय यूपी पुलिस ने रास्ते में रोक दिया. इसके बाद उन्होंने योगी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए दो दिन का अल्टीमेटम दिया.

Vikassheel Insaan Party founder Mukesh Sahni

Vikassheel Insaan Party founder Mukesh Sahni

यूपी तक

• 04:09 PM • 27 Jun 2026

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बिहार के पूर्व मंत्री और विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के संस्थापक मुकेश सहनी के उत्तर प्रदेश दौरे को लेकर सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है. जौनपुर के बहुचर्चित आजाद बिंद हत्याकांड के पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे 'सन ऑफ मल्लाह' मुकेश सहनी को यूपी पुलिस ने कार्यक्रम स्थल से करीब 150 किलोमीटर पहले ही रास्ते में रोक दिया. पुलिस द्वारा रोके जाने पर मुकेश सहनी का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने योगी सरकार पर लोकतांत्रिक व संवैधानिक अधिकारों के हनन का सीधा आरोप लगा दिया. सहनी ने तीखा तंज कसते हुए कहा कि प्रशासन ने उन्हें इस तरह घेरा जैसे वो कोई आतंकवादी या अपराधी हों. 

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150 किमी पहले रोका, हम कोई अपराधी नहीं- मुकेश सहनी

मुकेश सहनी जौनपुर में आजाद बिंद हत्याकांड के पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने और न्याय की लड़ाई में उनका साथ देने जा रहे थे. लेकिन प्रशासन ने उन्हें जिले की सीमा में प्रवेश करने से पहले ही रोक दिया. मीडिया से बातचीत करते हुए सहनी ने कहा 'आजाद बिंद हत्याकांड में पीड़ित परिवार की बेटी पिछले 10 दिनों से जिलाधिकारी (DM) कार्यालय परिसर में अनशन और धरने पर बैठी है. हमारा पहले से तय कार्यक्रम था कि हम परिवार से मिलेंगे. लेकिन ऐसा लग रहा था जैसे हम कोई आतंकवादी या अपराधी हों. सैकड़ों पुलिसकर्मी तैनात कर हमें कार्यक्रम स्थल से 150 किलोमीटर पहले ही रोक दिया गया. लोकतंत्र में किसी पीड़ित परिवार से मिलने तक की अनुमति न देना संवैधानिक अधिकारों का खुला हनन है.'

पुलिस कप्तान से बात और 2 दिनों का अल्टीमेटम

मुकेश सहनी ने बताया कि रास्ते में रोके जाने के बाद उनकी जौनपुर के पुलिस अधीक्षक (SP) से फोन पर बातचीत हुई है. सहनी ने एसपी से आग्रह किया है कि दो दिनों के भीतर पीड़ित परिवार की न्यायोचित मांगों पर कार्रवाई की जाए और उनकी बेटी का धरना समाप्त कराया जाए.

इसके साथ ही उन्होंने यूपी सरकार और प्रशासन को खुली चेतावनी देते हुए कहा 'यदि निर्धारित समय (2 दिन) में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं हुई तो मैं दोबारा जौनपुर आऊंगा. तब चाहे मुझे छुपकर ही क्यों न आना पड़े, लेकिन मैं पीड़ित परिवार से मिलकर रहूंगा.'

'अपराधियों को संरक्षण दे रही है सरकार'

योगी सरकार की कानून-व्यवस्था पर सीधा निशाना साधते हुए वीआईपी प्रमुख ने आरोप लगाया कि आज उत्तर प्रदेश में अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं. जबकि न्याय की मांग करने वालों और पीड़ितों की आवाज उठाने वालों को रोका जा रहा है. उन्होंने कहा कि प्रशासन इस पूरे हत्याकांड के मामले को दबाने का प्रयास कर रहा है जिससे जनता के बीच यह संदेश जा रहा है कि सरकार अपराधियों को संरक्षण दे रही है.

फर्जी एनकाउंटर के आरोपों पर घेरा

मुकेश सहनी ने क्षेत्र में हुए कमलेश बिंद के कथित एनकाउंटर का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए सरकार की नीतियों पर गंभीर सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा 'गरीब, पिछड़े और दलित समाज के लोग केवल एनकाउंटर होने के लिए नहीं बने हैं. इस समाज को भी देश में समान न्याय मिलने का पूरा अधिकार है. अगर सरकार वास्तव में उत्तर प्रदेश में कानून का राज स्थापित करना चाहती है तो दिखावे के बजाय दोषियों को शीघ्र गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजे.'

अंबेडकर नगर ले जाई गई वीआईपी प्रमुख की गाड़ियां

सहनी ने साफ कर दिया कि उनकी पार्टी पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है और जब तक इंसाफ नहीं मिल जाता, उनका संघर्ष जारी रहेगा. लोकतंत्र में जनता की आवाज दबाने की हर कोशिश का लोकतांत्रिक तरीके से ही जवाब दिया जाएगा. जौनपुर जाने से रोके जाने के बाद, ताजा जानकारी के मुताबिक वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी के काफिले को अंबेडकर नगर की तरफ ले जाया गया है.

अब देखना यह होगा कि मुकेश सहनी के इस 2 दिन के अल्टीमेटम के बाद जौनपुर प्रशासन क्या कदम उठाता है और पूर्वांचल की राजनीति में 'सन ऑफ मल्लाह' की यह दस्तक क्या नया मोड़ लाती है.