Hansraj Vishwakarma News: वाराणसी में योगी सरकार के नवनियुक्त मंत्री हंसराज विश्वकर्मा के स्वागत को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है. पश्चिम एशिया संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में देशवासियों से कम ईंधन खर्च करने और सादगी अपनाने की अपील की थी, लेकिन अब उसी बीजेपी सरकार के मंत्री के स्वागत में भारी वाहन काफिला और बुलडोजर देखने को मिलने पर विपक्ष ने सवाल उठाए हैं.
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जानकारी के मुताबिक योगी सरकार में हाल ही में मंत्री बनाए गए हंसराज विश्वकर्मा पहली बार सड़क मार्ग से लखनऊ से वाराणसी पहुंचे थे. एयरपोर्ट से लेकर उनके कंचनपुर स्थित आवास तक बीजेपी कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया. इस दौरान उनके काफिले में दर्जनों चार पहिया वाहन शामिल रहे. इतना ही नहीं, कई जगह बुलडोजर लेकर भी कार्यकर्ता स्वागत करने पहुंचे. बताया जा रहा है कि एयरपोर्ट से अर्दली बाजार और फिर मंडुआडीह इलाके तक मंत्री के स्वागत में बड़ी संख्या में गाड़ियां चलती रहीं. इसकी वजह से कई जगह लंबा जाम लग गया और आम लोगों को घंटों परेशानी का सामना करना पड़ा. सोशल मीडिया पर काफिले के वीडियो और तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं, जिनमें सड़क पर वाहनों की लंबी लाइन और बुलडोजर दिखाई दे रहे हैं.
सोशल मीडिया पर शुरू हुई आलोचना
मंडुआडीह इलाके में कार्यकर्ताओं ने बुलडोजर के जरिए मंत्री का स्वागत किया. इसके बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए. कई यूजर्स ने प्रधानमंत्री मोदी की ईंधन बचाने वाली अपील का हवाला देते हुए इस स्वागत कार्यक्रम की आलोचना की. बता दें कि हंसराज विश्वकर्मा वाराणसी बीजेपी के जिला अध्यक्ष भी हैं. उन्हें 10 मई को योगी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार में पांच नए मंत्रियों के साथ शामिल किया गया था.
अजय राय ने बीजेपी पर साधा निशाना
वहीं अजय राय ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट करते हुए लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी टीवी पर आकर देश को ईंधन बचाने, सादगी अपनाने और कार-पूलिंग का संदेश देते हैं, लेकिन उनके संसदीय क्षेत्र काशी में ही बीजेपी नेताओं का अलग अंदाज देखने को मिल रहा है. अजय राय ने लिखा कि सैकड़ों गाड़ियों का काफिला, सत्ता का प्रदर्शन और घंटों जाम में फंसी जनता यह दिखाती है कि नियम सिर्फ आम लोगों के लिए हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या प्रधानमंत्री की नसीहतें केवल जनता और विज्ञापनों तक सीमित हैं, जबकि उनके नेता खुलेआम इन बातों को नजरअंदाज कर रहे हैं.
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