पश्चिम बंगाल के नतीजों के बाद अखिलेश यादव को ललकार कर भाजपा ने गलत कर दिया क्या?

Akhilesh Yadav Reaction: बंगाल में भाजपा की जीत के बाद शुभेंदु अधिकारी और पीएम मोदी ने अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है. शुभेंदु ने 2027 में सपा के खात्मे की बात कही तो अखिलेश ने महिला आरक्षण लागू करने की मांग कर जवाब दिया.

Akhilesh Yadav

सुषमा पांडेय

• 04:51 PM • 05 May 2026

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Akhilesh Yadav Reaction: पश्चिम बंगाल चुनाव में ममता बनर्जी को भवानीपुर सीट से शिकस्त देने के बाद 'जायंट किलर' बनकर उभरे शुभेंदु अधिकारी ने अब अखिलेश यादव को खुली चुनौती दी है. जीत का सर्टिफिकेट हाथ में लेते ही शुभेंदु ने कहा कि राहुल गांधी, तेजस्वी यादव और ममता बनर्जी के बाद अब अगला नंबर अखिलेश यादव का है. वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी महिला सम्मान के मुद्दे पर अखिलेश यादव को घेरते हुए उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर बड़ी भविष्यवाणी कर दी है जिससे यूपी की राजनीति में 2027 के चुनावों को लेकर पारा चढ़ गया है.

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पीएम मोदी और शुभेंदु अधिकारी का तीखा हमला

जश्न के मंच से प्रधानमंत्री मोदी ने समाजवादी पार्टी पर महिला आरक्षण बिल को रोकने का आरोप लगाते हुए कहा कि यूपी की महिलाएं सपा को कभी माफ नहीं करेंगी. दूसरी तरफ शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी की हार के बाद दावा किया कि जिस तरह अन्य विपक्षी नेता खत्म हुए हैं वैसे ही 2027 के यूपी चुनाव में अखिलेश यादव का भी राजनीतिक प्रभाव खत्म हो जाएगा. शुभेंदु ने भवानीपुर में अपनी जीत का श्रेय हिंदू वोटों के ध्रुवीकरण और शरणार्थी क्षेत्रों के समर्थन को दिया.

अखिलेश यादव का सामने आया ये रिएक्शन

भाजपा के हमलों पर पलटवार करते हुए अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट कर भाजपा को ही घेर लिया. उन्होंने पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की ओर से मांग की कि भाजपा सरकार तत्काल घोषणा करें कि महिला आरक्षण को 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव में लागू किया जाएगा. अखिलेश ने चुनौती दी कि अगर भाजपा ऐसा नहीं करती तो यह मान लिया जाएगा कि वह महिलाओं के खिलाफ है.

यूपी में शुभेंदु की चर्चा और भविष्य की चुनौतियां

राजनीतिक गलियारों में शुभेंदु अधिकारी की उत्तर प्रदेश में भूमिका को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं. दरअसल चुनाव प्रचार के दौरान शुभेंदु ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मंच पर पैर छूकर आशीर्वाद लिया था जिसके बाद उन्हें यूपी में बड़ी जिम्मेदारी मिलने के कयास लगाए जा रहे हैं. ममता बनर्जी, तेजस्वी यादव और अन्य विपक्षी नेताओं की हार के बाद अब भाजपा अखिलेश यादव को ही सबसे बड़ी चुनौती मान रही है. यही कारण है कि बंगाल की जीत के तुरंत बाद उन्हें निशाने पर लिया गया है.

विरोध और समर्थन की जंग

शुभेंदु के बयान के बाद सोशल मीडिया पर अखिलेश समर्थक भी सक्रिय हो गए हैं. समर्थकों का कहना है कि अखिलेश 'फ्लावर नहीं फायर' हैं और उन्हें सत्ता से हटाना मुमकिन नहीं है. पीडीए के नारे के साथ जुड़े मतदाताओं में भाजपा के इन बयानों को लेकर काफी नाराजगी देखी जा रही है.