उत्तर प्रदेश में महिलाओं को कुल 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की प्रस्तावित योजना को लेकर सियासत तेज हो गई है. योगी सरकार की ओर से ऐसी योजना पर विचार किए जाने की चर्चा के बीच समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव का बयान सामने आया है. अखिलेश ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग 1500 रुपये नहीं दे पाए, वे 40-50 हजार रुपये कैसे देंगे. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अगर रकम किश्तों में दी जाएगी तो उनकी बात पर कौन भरोसा करेगा.
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‘₹1,500 नहीं दे पाए, ₹50 हजार देंगे?’
अखिलेश यादव ने कहा, “इसी सरकार ने कहा हम ₹1,500 देंगे गरीब माता-बहनों को, बुजुर्गों को. बताओ जो ₹1,500 नहीं दे पाए वो ₹40,000 देंगे, ₹50,000 देंगे.”
उन्होंने आगे कहा, “और वो भी किश्त में देना चाहते हैं कि पहले 1/2 दे दो फिर बाद में देंगे जब सजा बन जाएगी. इनकी बात पे कौन भरोसा करेगा.”
क्या है ₹50 हजार की प्रस्तावित योजना?
दरअसल, उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले महिलाओं के लिए कुल 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता वाली नई योजना पर विचार किए जाने की चर्चा है. अभी इस योजना पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है और इसके संभावित प्रारूप पर मंथन चल रहा है.
चर्चा के मुताबिक, अगर प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो चुनाव से पहले पात्र महिलाओं को 20 हजार रुपये की पहली किस्त दी जा सकती है. इसके बाद 10-10 हजार रुपये की तीन और किस्तें देने का प्रस्ताव विचाराधीन है. इस तरह कुल सहायता राशि 50 हजार रुपये तक पहुंच सकती है.
किन महिलाओं को मिल सकता है लाभ?
प्रस्तावित योजना में आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को प्राथमिकता दिए जाने की संभावना है. चर्चा के मुताबिक, SC, ST, BPL और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की महिलाओं को योजना में शामिल किया जा सकता है.
इसके अलावा 12 लाख रुपये तक सालाना आय वाले परिवारों की महिलाओं को भी योजना के दायरे में लाने पर विचार की बात सामने आई है. हालांकि, अंतिम पात्रता शर्तें अभी तय नहीं हैं.
सीधे खाते में पैसा या दूसरी योजनाओं का विस्तार?
महिलाओं को यह लाभ किस तरह दिया जाएगा, इस पर भी अलग-अलग विकल्पों पर विचार की चर्चा है. एक विकल्प सीधे बैंक खाते में पैसा भेजने का है. इसके तहत 50 हजार रुपये की सहायता राशि तय करने पर मंथन हो रहा है.
दूसरा विकल्प शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास जैसी योजनाओं के जरिए महिलाओं को लाभ पहुंचाने का है. वहीं, यूपी में पहले से चल रही महिला कल्याणकारी योजनाओं का विस्तार करने का विकल्प भी सामने है.
इनमें मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना, निराश्रित महिला पेंशन योजना, रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, स्वयं सहायता समूह और लखपति दीदी योजना जैसी योजनाएं शामिल हैं.
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर भी जोर
प्रस्तावित योजना का एक उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाना बताया जा रहा है. यूपी में पहले से ही स्वयं सहायता समूहों के जरिए महिलाओं को छोटे उद्योगों और स्वरोजगार से जोड़ने का काम किया जा रहा है.
आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश में करीब 98.76 लाख महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं. ऐसे में नई प्रस्तावित योजना को महिलाओं के मौजूदा समूहों और स्वरोजगार की व्यवस्था से जोड़ने की संभावनाओं पर भी विचार किया जा सकता है.
अभी हर महिला को ₹50 हजार मिलना तय नहीं
यह साफ है कि फिलहाल हर महिला को 50 हजार रुपये मिलने की बात तय नहीं है. अभी कुल 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता वाली योजना प्रस्तावित स्तर पर चर्चा में है. लाभार्थियों की संख्या, आय सीमा, सामाजिक श्रेणी, परिवार की स्थिति और अन्य पात्रता शर्तों को अंतिम रूप दिया जाना बाकी है.
इसलिए आधिकारिक घोषणा होने तक इसे प्रस्तावित योजना के तौर पर ही देखा जाना चाहिए. योजना को मंजूरी मिलने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कौन-कौन पात्र होगा और कितनी राशि किस तारीख को दी जाएगी.
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