आजम खान की नाराजगी, ओवैसी की मुस्लिम वोटबैंक पर नजर और शिवपाल यादव की एंट्री! समझिए सपा का प्लान

कुमार अभिषेक

• 05:08 PM • 13 Aug 2026

Shivpal Yadav met Azam Khan in Rampur jail News: आजम खान से जेल में मुलाकात के लिए रामपुर पहुंचे शिवपाल यादव. जौहर यूनिवर्सिटी, मोहिबुल्ला नदवी, संभल और मुस्लिम वोटों को लेकर सपा की रणनीति पर चर्चा.

File Photo: Azam Khan & Shivpal Singh Yadav

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समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव ने बुधवार को रामपुर जेल पहुंचकर पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान से मुलाकात की. इस मुलाकात की सियासी गलियारों में खूब चर्चा है. सियासी जानकार कह रहे हैं कि रामपुर की राजनीति में आजम खान की नाराजगी एक बार फिर समाजवादी पार्टी के लिए अहम मुद्दा बनती दिखाई दे रही है. इसी बीच शिवपाल यादव रामपुर पहुंचे और जेल में बंद आजम खान से मुलाकात की. इसके बाद उन्होंने आजम खान के घर जाकर उनकी पत्नी फातिमा आजम और बड़े बेटे अदीब से भी मुलाकात की. फिर शिवपाल यादव जौहर यूनिवर्सिटी पहुंचे, जहां उन्होंने पार्टी और यूनिवर्सिटी से जुड़े लोगों से बातचीत की.

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कुछ समय पहले जब आजम खान जेल से जमानत पर बाहर आए थे, तब शिवपाल यादव उनसे मिलने नहीं गए थे. बाद में अखिलेश यादव ने आजम खान से मुलाकात की थी. उस समय कोशिश थी कि रामपुर और मुरादाबाद मंडल में पार्टी के भीतर चल रही नाराजगी को दूर किया जाए.

हालांकि, जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर दोबारा विवाद और प्रदर्शन शुरू होने के बाद आजम खान की नाराजगी की चर्चा फिर तेज हुई. आजम खान चाहते थे कि अखिलेश यादव इस मुद्दे पर खुलकर सामने आएं. लेकिन अखिलेश यादव रामपुर नहीं पहुंच सके. ऐसे में अब शिवपाल यादव के जरिए आजम खान तक पहुंचने की कोशिश को महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

मोहिबुल्ला नदवी को लेकर भी नाराजगी की चर्चा

आजम खान की नाराजगी की एक वजह सांसद मोहिबुल्ला नदवी की बढ़ती राजनीतिक सक्रियता भी बताई जा रही है. रामपुर में कुछ लोगों को सपा में शामिल कराने को लेकर भी आजम खान के करीबी खेमे की नाराजगी सामने आई थी.

बताया गया कि डिंपल यादव की मौजूदगी में रामपुर में कुछ लोगों को पार्टी में शामिल कराया गया था. इनमें मोहम्मद वकील एडवोकेट का नाम भी लिया गया, जिन्होंने अब्दुल्ला आजम के खिलाफ चुनाव लड़ा था.

ऐसे में शिवपाल यादव की आजम खान से मुलाकात को पार्टी के भीतर की नाराजगी दूर करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है. शिवपाल यादव और आजम खान लंबे समय से एक-दूसरे को जानते हैं और दोनों ने समाजवादी पार्टी के पुराने दौर में साथ काम किया है.

जेल में आजम खान के साथ व्यवहार पर शिवपाल ने उठाए सवाल

रामपुर पहुंचने के बाद शिवपाल यादव ने आजम खान के जेल में रहने के दौरान मिलने वाली सुविधाओं और उनके साथ व्यवहार पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि इतने बड़े नेता को जमीन पर लिटाया जा रहा है और दवाइयों का भी इंतजाम नहीं है. उन्होंने जेल में मिलने वाली अन्य सुविधाओं का भी जिक्र किया. शिवपाल यादव की इस टिप्पणी को आजम खान के मुद्दे को सार्वजनिक तौर पर उठाने की कोशिश के तौर पर देखा गया.

संभल हिंसा के मामलों पर शिवपाल के बयान से बढ़ी सियासी हलचल

रामपुर यात्रा के दौरान शिवपाल यादव के एक और बयान का शो में जिक्र किया गया. उन्होंने कहा कि अगर 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो संभल में लगाए गए झूठे मुकदमों को वापस लिया जाएगा और गलत रिपोर्ट देने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

शिवपाल यादव के इस बयान को समाजवादी पार्टी के पुराने मुस्लिम वोट बैंक से जोड़कर देखा गया. शो में चर्चा की गई कि अखिलेश यादव हाल के समय में आक्रामक मुस्लिम मुद्दों से दूरी बनाए हुए दिखाई देते हैं, जबकि शिवपाल यादव के बयानों में मुस्लिम समुदाय से जुड़े मुद्दे अधिक मुखर होकर सामने आ रहे हैं.

क्या मुस्लिम वोटों को साधने की कोशिश है?

शो में यह सवाल भी उठाया गया कि क्या शिवपाल यादव को आजम खान को मनाने के साथ-साथ मुस्लिम वोटरों तक संदेश पहुंचाने की जिम्मेदारी भी दी गई है.

रामपुर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुस्लिम बहुल इलाकों में असदुद्दीन ओवैसी की सक्रियता का भी जिक्र किया गया. शो में कहा गया कि ओवैसी की रैलियों और राजनीतिक गतिविधियों ने चुनाव से पहले मुस्लिम वोटों को लेकर सियासी मुकाबला बढ़ा दिया है.

इसी बीच AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने शिवपाल यादव की आजम खान से मुलाकात पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में इस मुलाकात की सराहना की, लेकिन साथ ही सवाल उठाया कि चुनाव करीब आने पर ही आजम खान की याद क्यों आई.

इससे साफ है कि आजम खान और रामपुर को लेकर समाजवादी पार्टी की रणनीति पर दूसरी पार्टियों की भी नजर है. ऐसे में शिवपाल यादव की रामपुर यात्रा को पार्टी के भीतर की नाराजगी दूर करने के साथ-साथ मुस्लिम वोटों के सियासी समीकरण से भी जोड़कर देखा जा रहा है.