इलाहाबाद पश्चिम विधानसभा सीट से अतीक के बड़े बेटे उमर लड़ेंगे चुनाव? कौनसी पार्टी दे सकती है टिकट

कुमार अभिषेक

• 11:08 AM • 15 Aug 2026

उमर अहमद के 2027 चुनाव लड़ने की चर्चा, एआईएमआईएम से संभावित टिकट और आजम खान पर योगी आदित्यनाथ के बयान समेत यूपी की तीन बड़ी खबरों का पूरा विश्लेषण पढ़ें.

UP Tak
Google CTA

यूपी Tak का खास शो ‘आज का यूपी’ है, जिसमें हम राज्य की तीन बड़ी खबरों का विश्लेषण करते हैं. तीन बड़ी खबरों में पहली चर्चा माफिया अतीक अहमद के बेटे उमर अहमद के 2027 विधानसभा चुनाव लड़ने को लेकर है, जिसमें प्रयागराज की इलाहाबाद पश्चिम सीट और एआईएमआईएम से उनके संभावित चुनाव लड़ने की चर्चा सामने आई है. दूसरी बड़ी खबर बाहुबली परिवारों की अगली पीढ़ी की मौजूदगी से जुड़ी है, जहां अतीक अहमद के बेटे अबान के जनाजे में अब्बास अंसारी की मौजूदगी ने नई राजनीतिक चर्चाओं को जन्म दिया. वहीं तीसरी बड़ी खबर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आजम खान और जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर दिए गए बयान की है, जिसमें उन्होंने बिना नाम लिए आजम खान के जेल से बाहर आने को लेकर टिप्पणी की.

यह भी पढ़ें...

उमर अहमद 2027 में लड़ेंगे चुनाव? प्रयागराज में क्यों तेज हुई चर्चा

अतीक अहमद के बड़े बेटे उमर अहमद के 2027 के विधानसभा चुनाव में उतरने की चर्चा इन दिनों प्रयागराज में जोर पकड़ रही है. चर्चा का केंद्र इलाहाबाद पश्चिम विधानसभा सीट है. अतीक अहमद का कसारी-मसारी क्षेत्र इसी विधानसभा क्षेत्र में आता है. अतीक अहमद के छोटे बेटे अबान की मौत के बाद इलाके में जिस तरह की भीड़ जुटी और उमर के जेल से बाहर आने के बाद समर्थकों ने जिस तरह उनका स्वागत किया, उससे यह चर्चा तेज हुई कि क्या अतीक का परिवार एक बार फिर चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रहा है.

फिलहाल उमर के चुनाव लड़ने को लेकर कोई आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है. एआईएमआईएम की तरफ से भी यह नहीं कहा गया है कि उमर को पार्टी टिकट देने जा रही है.

अतीक परिवार का एआईएमआईएम से पुराना रिश्ता

अतीक अहमद का परिवार पहले से ही असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम से जुड़ा रहा है. अतीक के जेल में रहने के दौरान शाइस्ता ने लखनऊ में एआईएमआईएम की सदस्यता ली थी. उनके बेटों के भी पार्टी से जुड़ने की बात सामने आई थी.

अबान की सुपुर्द-ए-खाक के दौरान भी अतीक के बेटों की तरफ से एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के लिए संदेश भेजे जाने की बात सामने आई. एआईएमआईएम नेता शौकत अली के मुताबिक, उमर और अबान ने उनसे मुलाकात के दौरान ओवैसी के लिए सलाम भेजा था.

एआईएमआईएम के महानगर अध्यक्ष ने भी कहा है कि अगर उमर चुनाव लड़ने का इरादा रखते हैं तो उनका पार्टी में स्वागत है. उनके मुताबिक, अतीक अहमद और उनके परिवार के पार्टी से पुराने राजनीतिक संबंध रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि अगर परिवार की तरफ से कोई प्रस्ताव आता है तो पार्टी उस पर विचार करेगी. हालांकि, मौजूदा समय में उमर के चुनाव लड़ने को लेकर पार्टी की ओर से कोई प्रस्ताव सामने आने की पुष्टि नहीं की गई है.

अतीक और मुख्तार की दूसरी पीढ़ी साथ दिखी

अबान की मौत के बाद एक और राजनीतिक चर्चा ने जोर पकड़ा है. अतीक अहमद और मुख्तार अंसारी के परिवारों की पिछली पीढ़ी के बीच रिश्ते भले ही सहज नहीं रहे हों, लेकिन अब दोनों परिवारों की अगली पीढ़ी के साथ आने की तस्वीर दिखाई दी. अब्बास अंसारी अबान की सुपुर्द-ए-खाक में शामिल हुए थे. उनकी मौजूदगी ने बाहुबली परिवारों की दूसरी पीढ़ी के रिश्तों को लेकर चर्चा शुरू कर दी. वहीं, शहाबुद्दीन के बेटे के भी वहां आने की चर्चा थी, हालांकि उनकी मौजूदगी को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने नहीं रखी गई.

फिलहाल अतीक अहमद के बेटों के लिए चुनावी राजनीति में उतरना आसान नहीं माना जा रहा है. परिवार के कई सदस्य जेल में हैं या फरार बताए जा रहे हैं. ऐसे में 2027 में उमर के चुनाव लड़ने की चर्चा अभी सिर्फ चर्चा के स्तर पर है.

आजम खान को लेकर योगी आदित्यनाथ का बड़ा बयान

दूसरी बड़ी खबर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आजम खान को लेकर दिए गए बयान से जुड़ी है. विभाजन विभीषिका कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर हमला बोलते हुए जौहर यूनिवर्सिटी और उसके नाम को लेकर सवाल उठाए. मुख्यमंत्री ने बिना आजम खान का नाम लिए कहा कि जिस व्यक्ति के नाम पर जौहर यूनिवर्सिटी बनाई गई, वह मुस्लिम लीग के संस्थापकों में शामिल था और देश के विभाजन के लिए जिम्मेदार था.

योगी आदित्यनाथ ने इसी दौरान आजम खान को लेकर इशारों में कहा कि अब वह जेल से बाहर नहीं आएंगे. मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब शिवपाल यादव की ओर से आजम खान को गृह मंत्री बनाए जाने की बात कही गई थी.

मोहम्मद अली जौहर को लेकर योगी ने क्या कहा?

मुख्यमंत्री ने मोहम्मद अली जौहर के इतिहास का जिक्र करते हुए समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी का नाम ऐसे व्यक्ति के नाम पर रखा गया जो मुस्लिम लीग से जुड़ा था और देश के विभाजन के लिए जिम्मेदार था. रामपुर स्थित जौहर यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर मोहम्मद अली जौहर को मुस्लिम लीग के संस्थापकों में शामिल बताया गया है. मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद जौहर यूनिवर्सिटी और आजम खान का मुद्दा यूपी की राजनीति में एक बार फिर चर्चा में आ गया है.

यहां देखें पूरा शो

ये भी पढ़ें: क्या वो वीडियो सच में अतीक के बेटे आबान के एक्सीडेंट का है? आ गया पुलिस का जवाब