PM Modi Independence Day Speech 2026: देश आज 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रीय ध्वज फहराया और देशवासियों को संबोधित किया. इस बार का स्वतंत्रता दिवस समारोह इसलिए भी खास रहा क्योंकि राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 साल पूरे होने के मौके पर लाल किले के राष्ट्रीय कार्यक्रम में पहली बार इसे औपचारिक रूप से गाया गया. अपने संबोधन में पीएम मोदी ने 2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प दोहराया. उन्होंने कहा कि अब देश को छोटे सपनों के साथ आगे नहीं बढ़ना है, बल्कि बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए मजबूत संकल्प लेने होंगे.
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युवाओं के लिए PM मोदी का बड़ा ऐलान
लाल किले से देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं के लिए बड़ी घोषणा की. उन्होंने कहा कि सरकार अगले एक साल में 1 करोड़ युवाओं को AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की ट्रेनिंगदेगी. इसके साथ ही छात्रों के लिए ऑनलाइन कोचिंग व्यवस्था शुरू करने की बात भी कही. पीएम मोदी ने युवा शक्ति को देश की बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि युवा पीढ़ी 2047 तक भारत को विकसित देश बनाने के लक्ष्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी. स्वतंत्रता दिवस समारोह में भी देश की युवा शक्ति की ऊर्जा और उम्मीदों को खास तौर पर सामने रखा गया.
आत्मनिर्भर भारत को बताया जरूरी
प्रधानमंत्री मोदी ने आत्मनिर्भर भारत के संकल्प पर भी विस्तार से बात की. उन्होंने कहा कि भारत को अब दूसरे देशों पर निर्भर रहकर नहीं जीना है. पीएम मोदी ने कहा, 'बीते वर्षों में हमारा दृढ़ विश्वास रहा है कि भारत को अब दूसरे देशों पर निर्भर रह कर नहीं जीना है. हमें आत्मनिर्भर बनना चाहिए.' उन्होंने कहा कि दुनिया में बहुत कुछ सस्ता और जल्दी मिल सकता है, लेकिन उससे देश का अपना सामर्थ्य तैयार नहीं होता. इसलिए भारत को अपनी क्षमताएं बढ़ानी होंगी और अपने हितों की सुरक्षा खुद करनी होगी.
ग्लोबलाइजेशन और संसाधनों के वेपनाइजेशन का जिक्र
पीएम मोदी ने बदलती वैश्विक परिस्थितियों का जिक्र करते हुए कहा कि दुनिया अपने पास मौजूद संसाधनों को वेपनाइज्ड करने में लगी है. उन्होंने पेट्रोल, डीजल, खाद और दवाइयों के साथ-साथ भूभाग के वेपनाइजेशन की भी बात कही. प्रधानमंत्री ने कहा कि एक समय जब वह आत्मनिर्भरता की बात करते थे तो कुछ लोग ग्लोबलाइजेशन को लेकर सवाल उठाते थे. पीएम मोदी ने कहा, 'पूरी दुनिया देख रही है कि पिछले 1 दशक में ऐसा लग रहा है कि लोगों ने ग्लोबलाइजेशन बोलना ही बंद कर दिया.' उन्होंने कहा कि ऐसे संकट के समय आत्मनिर्भरता का मंत्र भारत को चुनौतियों का मजबूती से सामना करने में मदद करता है.
सेमीकंडक्टर में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बढ़ा भारत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में देश की प्रगति का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि आज डिजिटल दुनिया और तकनीक में चिप का महत्व बेहद ज्यादा है. इलेक्ट्रॉनिक सामानों में चिप की जरूरत को बताते हुए पीएम मोदी ने कहा कि इसके बिना दुनिया के ठहर जाने जैसी स्थिति पैदा हो सकती है. उन्होंने कहा कि भारत ने आत्मनिर्भर होने की दिशा में अपना सेमीकंडक्टर प्लांट लगाया है. पीएम मोदी के मुताबिक, 3 प्लांट शुरू हो चुके हैं, जबकि आने वाले 7-8 साल में और प्लांट शुरू होने वाले हैं. सरकार का फोकस तकनीकी क्षेत्र में देश की निर्भरता कम करने और अपनी क्षमता बढ़ाने पर है.
डिफेंस प्रोडक्शन से मोबाइल उत्पादन तक बढ़ोतरी
लाल किले की प्राचीर से पीएम मोदी ने पिछले 12 सालों में अलग-अलग क्षेत्रों में हुई प्रगति के आंकड़े भी गिनाए. उन्होंने कहा कि देश का डिफेंस प्रोडक्शन करीब 4 गुना बढ़ा है. खादी एवं ग्रामोद्योग का उत्पादन करीब 5 गुना और इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग करीब 7 गुना बढ़ी है. आधुनिक रेलवे कोच का निर्माण 21 गुना और मोबाइल फोन का उत्पादन 33 गुना बढ़ने की बात प्रधानमंत्री ने कही. उन्होंने डिजिटल और इनोवेशन के क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया और कहा कि देश ने इन क्षेत्रों में अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया है.
डिजिटल ट्रांजेक्शन और सरकारी योजनाओं का भी जिक्र
पीएम मोदी ने कहा कि इंटरनेट यूजर्स और इंटरनेट कंज्यूमर्स में बड़ी बढ़ोतरी हुई है. उन्होंने पेटेंट ग्रांट की संख्या 4 गुना और डिजिटल ट्रांजेक्शन में 100 गुना बढ़ोतरी का दावा किया. इसके अलावा उन्होंने आम लोगों से जुड़ी सुविधाओं में भी तेजी का जिक्र किया. प्रधानमंत्री के मुताबिक, हर साल औसतन 15 गुना ज्यादा तेजी से नल से जल कनेक्शन दिए गए. गैस कनेक्शन देने की रफ्तार करीब 6 गुना, गरीबों के लिए शौचालय बनाने की रफ्तार करीब 4 गुना और गरीबों को घर देने की रफ्तार करीब 3 गुना बढ़ी. उन्होंने कहा कि देश में गवर्नेंस के स्तर पर भी बदलाव हुए हैं और सैकड़ों कानूनों को खत्म किया गया है. पीएम ने कहा, 'पिछली शताब्दी के कानूनों से 21वीं शताब्दी की मार्च नहीं हो सकती.'
आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और मेट्रो विस्तार का उल्लेख
प्रधानमंत्री ने आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर भी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं. उन्होंने मेट्रो के विस्तार का जिक्र करते हुए कहा कि देश में इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में तेजी से काम हुआ है. पीएम मोदी ने कहा कि ऐसी रफ्तार, विस्तार और उपलब्धियां आजादी के बाद पहली बार पिछले एक दशक में देखने को मिली हैं. उन्होंने कहा कि जब देशवासियों का सामर्थ्य लगातार सामने आ रहा है और विकास की गति तेज है, तो 2047 में विकसित भारत बनने का संकल्प अधूरा नहीं रह सकता. पीएम मोदी ने इन आंकड़ों को देश की आगे बढ़ती क्षमता का प्रमाण बताया.
बोले PM मोदी, अब छोटे सपनों से नहीं चलेगा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में देशवासियों से बड़े सपने देखने की अपील की. उन्होंने कहा, 'अब छोटे सपनों से चलने वाला नहीं है. हमें बड़े सपने देखने होंगे क्योंकि बड़े सपने हमारी सोच को भी विस्तार देते हैं.' पीएम मोदी ने कहा कि कोई भी राष्ट्र तब महान बनता है जब वह अपने सपनों, संकल्पों और सामर्थ्य के दम पर आगे बढ़ता है. उनके मुताबिक, संकल्प मजबूत होने पर कठिनाइयों और आपदाओं के बीच से रास्ता निकालने की क्षमता भी पैदा होती है. उन्होंने कहा कि जब सपने और संकल्प ऊंचे होते हैं तो देश के सामर्थ्य और प्रयासों की ऊंचाई भी बढ़ती है.
बाढ़ प्रभावित परिवारों को दिया भरोसा
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन के दौरान देश के कुछ हिस्सों में आई बाढ़ का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि पिछले दिनों बाढ़ के कारण अनेक परिवार प्रभावित हुए हैं और सरकार उनके दुख-दर्द को समझती है. पीएम मोदी ने प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाया कि मुश्किल समय में पूरा देश उनके साथ खड़ा है. उन्होंने कहा, 'पीड़ित परिवारों को मैं विश्वास दिलाता हूं कि हम और पूरा देश उनके साथ खड़ा है.' प्रधानमंत्री ने इस दौरान प्रभावित लोगों के प्रति संवेदना जताई और देश की एकजुटता का संदेश दिया.
लाल किले पर पहली बार औपचारिक रूप से गूंजा वंदे मातरम्
स्वतंत्रता दिवस समारोह में राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ का गायन भी प्रमुख आकर्षण रहा. इस साल राष्ट्रीय गीत के 150 साल पूरे होने के मौके पर लाल किले के राष्ट्रीय कार्यक्रम में पहली बार इसे औपचारिक रूप से गाया गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और इसके बाद देश को संबोधित किया. अपने भाषण में उन्होंने आत्मनिर्भर भारत, युवाओं, AI स्किल्स, सेमीकंडक्टर, डिफेंस प्रोडक्शन, डिजिटल ट्रांजेक्शन और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर समेत कई मुद्दों पर बात की. साथ ही उन्होंने 2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प दोहराया. पीएम मोदी के संबोधन का मुख्य संदेश रहा कि भारत को अपनी क्षमताओं पर भरोसा करते हुए बड़े लक्ष्य तय करने होंगे और आत्मनिर्भरता की दिशा में लगातार आगे बढ़ना होगा.
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