BSP नेता रफतुल्ला खान को 22 साल बाद योगी सरकार में मिली 5 करोड़ की जमीन, अब तारीफ में ये बोले

अभिनव माथुर

• 02:24 PM • 16 Aug 2026

संभल में 22 साल पुराने जमीन विवाद में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 5 करोड़ रुपये की 1500 वर्गमीटर जमीन कब्जामुक्त कराई. बसपा नेता रफतुल्ला खान को जमीन वापस मिली. प्रशासन ने भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संदेश दिया.

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उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा भू-माफियाओं के खिलाफ चलाया जा रहा अभियान अब धरातल पर रंग लाने लगा है. सरकारी जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कराने के साथ-साथ अब उन आम और खास लोगों की भी सुनवाई हो रही है जो सालों से अपनी निजी जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे थे. ऐसा ही एक बड़ा मामला संभल सदर कोतवाली क्षेत्र के चौधरीसराय से सामने आया है जहां करीब 22 साल पुराने जमीन विवाद में प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए पीड़ित को उसकी बेशकीमती जमीन वापस दिलाई है.

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22 साल बाद मिला 5 करोड़ की जमीन पर अधिकार

मामला बसपा नेता रफतुल्ला खान उर्फ नेता छिद्दा से जुड़ा है. चौधरीसराय स्थित घाटा संख्या 70 (मल्लसराय) में उनकी करीब 1500 वर्गमीटर जमीन का बंटवारे को लेकर पुराना विवाद चल रहा था. आरोप था कि जुबैर नाम के व्यक्ति और उसके साथियों ने इस जमीन पर अवैध कब्जा कर रखा था जिसकी मौजूदा बाजारू कीमत लगभग ₹5 करोड़ बताई जा रही है. 22 सालों से न्याय की आस लगाए रफतुल्ला खान ने कुछ महीने पहले लखनऊ में प्रमुख सचिव गृह से मुलाकात कर अपनी पीड़ा जताई.

प्रमुख सचिव गृह के निर्देश पर संभल के जिलाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) कृष्ण कुमार बिश्नोई ने मामले की जांच के आदेश दिए. राजस्व रिकॉर्ड और दस्तावेजों की गहन जांच में शिकायत सही पाए जाने पर एसडीएम विकास चंद्र के नेतृत्व में पुलिस व प्रशासन की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर 1500 वर्गमीटर जमीन को पूरी तरह कब्जा मुक्त करा दिया और वास्तविक मालिक को उसका कब्जा सौंप दिया.

बसपा नेता ने की योगी सरकार और प्रशासन की तारीफ

22 साल बाद अपनी जमीन का हक वापस मिलने पर बसपा नेता रफतुल्ला खान गदगद नजर आए. उन्होंने योगी सरकार और स्थानीय प्रशासन की सराहना करते हुए कहा 'प्रशासन यहां बेहद चुस्त-दुरुस्त है.प्रमुख सचिव गृह से मिलने के बाद उन्होंने कप्तान साहब और डीएम साहब को पत्र लिखा. एसडीएम और पूरी टीम ने निष्पक्ष जांच कर मेरी 5 करोड़ की जमीन जुबैर आदि से वापस दिलवाई. आज गरीब से गरीब व्यक्ति की दरखास्त पर भी जांच होकर उसे न्याय मिल रहा है.'

SP कृष्ण कुमार बिश्नोई ने क्या बतााय

संभल के पुलिस अधीक्षक (SP) कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि जिले में सरकारी जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए 'लैंड बैंक' कांसेप्ट पर काम चल रहा है. सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए अब तक हजारों बीघा सरकारी जमीन मुक्त कराई जा चुकी है. इसके साथ ही एसपी ने एक बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि संभल में 1978 के दंगों के दौरान जिन लोगों के पलायन करने के बाद उनकी जमीनों पर दबंगों ने अवैध कब्जे कर लिए थे उन्हें भी चिह्नित कर जमीनें वापस दिलाने की प्रक्रिया शुरू की गई है.निजी जमीनों पर भी शिकायत मिलने पर राजस्व रिकॉर्ड खंगालकर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है.

अवैध कब्जों को नहीं मिलेगा संरक्षण

संभल में हुई यह कार्रवाई दर्शाती है कि प्रदेश में भू-माफिया विरोधी नीति के तहत अब किसी भी अवैध कब्जे को संरक्षण नहीं मिलेगा. फिर चाहे संपत्ति सरकारी हो या किसी नागरिक की. 22 साल बाद मिली यह राहत उन तमाम लोगों के लिए उम्मीद की किरण है जो अपनी जमीनों पर अवैध कब्जे के खिलाफ कानूनी और प्रशासनिक लड़ाई लड़ रहे हैं.