TamkuhiRaj Election: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले की सबसे चर्चित विधानसभा सीटों में शामिल तमकुहीराज में आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी गर्माहट बढ़ने लगी है. बिहार सीमा से सटी होने के कारण इस सीट का राजनीतिक महत्व काफी अधिक माना जाता है. कभी कांग्रेस का मजबूत गढ़ रही यह सीट फिलहाल भारतीय जनता पार्टी के पास है. हालांकि चुनाव से पहले यहां सत्ताधारी खेमे में अंदरूनी खींचतान और विपक्षी दलों की घेराबंदी ने मुकाबले को काफी दिलचस्प बना दिया है.
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तमकुहीराज का राजनीतिक इतिहास और परिसीमन
2012 के परिसीमन से पहले यह सीट 'सेवरही विधानसभा क्षेत्र' के नाम से जानी जाती थी जहां बाबू केदार सिंह और नंद किशोर मिश्र जैसे दिग्गजों का प्रभाव रहा. 2012 में नए स्वरूप में अस्तित्व में आई तमकुहीराज सीट पर कांग्रेस के अजय कुमार लल्लू ने लगातार दो बार (2012 और 2017) जीत दर्ज की.
हालांकि 2022 के विधानसभा चुनाव में सियासी समीकरण बदल गए. बीजेपी समर्थित (निषाद पार्टी) उम्मीदवार डॉ. असीम कुमार ने अजय कुमार लल्लू को हराकर इस सीट पर करीब तीन दशक बाद बीजेपी खेमे का परचम फहराया.
2027 के चुनाव से पहले बीजेपी के भीतर टिकट की होड़
वर्तमान में विधायक डॉ. असीम कुमार अपने विकास कार्यों और स्वास्थ्य सेवाओं के दम पर दोबारा जीत का दावा कर रहे हैं. लेकिन उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती पार्टी के भीतर से ही उभर रही है. बीजेपी नेता और प्रमुख कारोबारी डॉ. विजय राय जो लंबे समय से ब्लॉक प्रमुखी और स्थानीय राजनीति में सक्रिय हैं,अपनी मजबूत दावेदारी पेश कर रहे हैं. ऐसे में बीजेपी नेतृत्व के सामने विधायक डॉ. असीम कुमार और डॉ. विजय राय में से किसी एक का चयन करने की बड़ी धर्मसंकट की स्थिति है.
दूसरी ओर अगर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच गठबंधन होता है तो पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू की दावेदारी और सपा के स्थानीय नेताओं (जैसे उदय नारायण गुप्ता और डॉ. पी.के. राय) की महत्वाकांक्षाओं के बीच प्रत्याशी का चयन एक बड़ी परीक्षा साबित होगा.
जातीय गणित: कौन निभाएगा निर्णायक भूमिका?
तमकुहीराज विधानसभा क्षेत्र में जातीय समीकरण हमेशा से चुनाव परिणामों को प्रभावित करते रहे हैं.
मुस्लिम मतदाता: लगभग 60,000
यादव मतदाता: लगभग 48,000
ब्राह्मण मतदाता: लगभग 42,000
भूमिहार मतदाता: लगभग 38,000
निषाद मतदाता: लगभग 28,000
कुर्मी मतदाता: लगभग 3,000
मुस्लिम और अनुसूचित जाति (SC) के मतदाताओं की बड़ी संख्या के साथ-साथ निषाद और सवर्ण वोटर भी इस सीट पर हार-जीत तय करने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं.
राजनीतिक दलों के दावों और स्थानीय पत्रकारों का विश्लेषण
डॉ. असीम कुमार (मौजूदा विधायक, BJP) का कहना है कि '28 सालों के बाद 2022 में बीजेपी की जीत हुई. योगी सरकार के आशीर्वाद से क्षेत्र में बिजली, सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं में ऐतिहासिक सुधार हुआ है.पेशेवर सर्जन होने के नाते मैं हर शनिवार मरीजों का मुफ्त इलाज करता हूं. जनता और पार्टी का विश्वास हमारे साथ है.'
समाजवादी पार्टी का कहना है कि 'बूथ स्तर तक हमारा संगठन तैयार है. अखिलेश यादव के विकास कार्यों को लेकर हम जनता के बीच जाएंगे और कुशीनगर की सभी सातों विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज कर सपा की सरकार बनाएंगे.'
स्थानीय पत्रकारों का आकलन
स्थानीय विश्लेषकों के अनुसार, इस सीट पर सबसे बड़ा फैक्टर सही प्रत्याशी का चयन होगा. सत्ता पक्ष को अंदरूनी गुटबाजी से बचना होगा..वहीं विपक्ष के लिए गठबंधन की स्थिति में एक सर्वमान्य चेहरा उतारना सबसे बड़ी चुनौती रहेगा.
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