रिपोर्टर बने भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत! गांवों में घूम-घूमकर अपनी ही सरकार की खोल रहे पोल

UP Political News: आज का यूपी में देखें भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत ने अपनी ही सरकार को घेरा, लखनऊ में शंकराचार्य का शंखनाद और यूपी में सिलेंडर के लिए मची भारी अफरातफरी का सटीक विश्लेषण.

BJP MLA BrijBhushan Rajput

कुमार अभिषेक

12 Mar 2026 (अपडेटेड: 12 Mar 2026, 11:12 AM)

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यूपी तक का खास शो आज का यूपी राज्य की राजनीतिक और सामाजिक हलचलों का सबसे सटीक विश्लेषण पेश करता है. आज के अंक में हम राज्य की तीन बड़ी खबरों का विश्लेषण कर रहे हैं, जिसमें पहली खबर महोबा के भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत द्वारा अपनी ही सरकार के जलशक्ति विभाग की पोल खोलने की है. दूसरी खबर लखनऊ में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शंखनाद कार्यक्रम और उसमें जुटी भीड़ के जमीनी सच की है और तीसरी खबर प्रदेश के विभिन्न जिलों में एलपीजी (LPG) सिलेंडर के लिए मची अफरातफरी और मारपीट की है.

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अपनी ही सरकार के खिलाफ रिपोर्टर बने भाजपा विधायक! 

महोबा के चरखारी से भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत (गुड्डू राजपूत) एक बार फिर सुर्खियों में हैं. कुछ समय पहले जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह का रास्ता रोकने वाले विधायक ने अब खुद 'रिपोर्टर' की भूमिका अपना ली है. उन्होंने अपने क्षेत्र के गांवों का दौरा कर जल जीवन मिशन की बदहाली को कैमरे पर उजागर किया.

विधायक ने दिखाया कि कैसे गांवों में सड़कें खोदकर छोड़ दी गई हैं, पाइप खूटों पर टंगे हैं और नई बनी टंकियां चू रही हैं. उन्होंने कड़े लहजे में कहा कि यह सरकार से नाराजगी नहीं बल्कि जनता का आक्रोश है. बृजभूषण राजपूत ने अधिकारियों पर 'झूठे आंकड़े' देने का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर 4 साल बाद भी काम अधूरा है, तो जनता का गुस्सा जायज है. राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि चुनाव पास आते देख और बुंदेलखंड में समाजवादी पार्टी की बढ़ती सक्रियता के कारण विधायक अब सड़क की राजनीति पर उतर आए हैं.

लखनऊ में शंकराचार्य का शंखनाद, एजेंडा बुलंद पर कुर्सियां रहीं खाली

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती अपनी लंबी यात्रा के बाद लखनऊ के कांशीराम स्मृति उपवन पहुंचे, जहां उनका बहुप्रतीक्षित शंखनाद कार्यक्रम संपन्न हुआ. शंकराचार्य ने मंच से गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने और बीफ प्रतिबंध जैसे अपने मुख्य एजेंडे को पूरी प्रखरता से रखा.

हालांकि, कार्यक्रम में भीड़ को लेकर सवाल खड़े हुए. उम्मीद की जा रही थी कि विपक्ष (सपा और कांग्रेस) के समर्थन के बाद हजारों की संख्या में लोग जुटेंगे, लेकिन मैदान में पीछे की कुर्सियां खाली नजर आईं. कार्यक्रम में अजय राय सहित कई सियासी चेहरे तो दिखे, लेकिन आम जनता की भागीदारी उम्मीद के मुताबिक नहीं रही. शंकराचार्य ने प्रशासन द्वारा लगाई गई शर्तों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि सच्चाई को शर्तों में नहीं बांधा जा सकता.

यूपी में सिलेंडर के लिए हाहाकार, कहीं मारपीट तो कहीं गिरते-पड़ते दौड़ते दिखे लोग

उत्तर प्रदेश के कई जिलों में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की किल्लत ने पैनिक जैसी स्थिति पैदा कर दी है. गोरखपुर से आई तस्वीरों में सिलेंडर की लाइन में लगे लोग आपस में ही भिड़ते और मारपीट करते नजर आए, जिसके बाद पुलिस को बीच-बचाव करना पड़ा.

वहीं, बस्ती जिले में लोग सिलेंडर पाने की होड़ में उसे बोरों में भरकर भागते और गिरते-पड़ते दिखे. पूरे प्रदेश में एक डर और अफवाह का माहौल है, जिसके कारण लोग घंटों लंबी लाइनों में लगने को मजबूर हैं. गैस एजेंसियों पर उमड़ रही यह भीड़ शासन और प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है.