अयातुल्ला खामेनेई की मौत पर अब अखिलेश यादव ने दिया तीखा रिएक्शन, कही ये बात

Akhilesh Yadav on Ayatollah Khamenei Death: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत और मीनाब स्कूल हमले में 165 छात्राओं की मौत पर अखिलेश यादव ने जताई गहरी संवेदना. इसे अंतर्राष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताते हुए इज़रायल-अमेरिका की कड़ी निंदा की.

UP News

यूपी तक

• 09:56 PM • 04 Mar 2026

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ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के मारे जाने और दक्षिणी ईरान के मीनाब में एक स्कूल पर हुए विनाशकारी हमलों को लेकर अब समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव की कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है. अखिलेश यादव ने इन हमलों को न केवल क्रूर बताया, बल्कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों और जिनेवा कन्वेंशन की धज्जियां उड़ाने वाला कृत्य करार दिया.

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अखिलेश यादव ने X पर ये लिखा

अखिलेश यादव ने अपने सोशल मीडिया हैंडल 'X' (पूर्व में ट्विटर) पर एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी इन हमलों की पुरजोर निंदा करती है. उन्होंने लिखा कि, 'समाजवादी पार्टी अयातुल्ला खामेनेई पर हुए हमले और मीनाब के एक स्कूल पर हुए सबसे घातक इज़रायली-अमेरिकी हमलों में से एक, जिसमें 165 छात्राएं मारी गईं, दोनों की कड़ी निंदा करती है. जिनेवा कन्वेंशन और अंतरराष्ट्रीय कानून, जो संघर्ष के समय में भी मानव जीवन की रक्षा के लिए बनाए गए हैं, ऐसे कृत्यों से गंभीर रूप से खतरे में हैं.' अखिलेश यादव ने मृत छात्राओं और अयातुल्ला खामेनेई को श्रद्धांजलि देते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की.

अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट में विशेष रूप से मीनाब (Minab) के एक गर्ल्स स्कूल पर हुए हमले का जिक्र किया है. खबरों के अनुसार, इस हमले में 165 छात्राओं की मौत हो गई है. समाजवादी पार्टी ने इसे इजरायली-अमेरिकी हमलों में से सबसे घातक बताया है. इस घटना ने दुनिया भर में मानवाधिकारों और युद्ध के दौरान नागरिकों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

आपको बता दें कि अयातुल्ला अली खामेनेई 1989 से ईरान के सर्वोच्च नेता थे. वह 28 फरवरी 2026 को तेहरान में एक भीषण हवाई हमले में मारे गए. यह हमला इजरायल और अमेरिका द्वारा संयुक्त रूप से चलाया गया एक गुप्त सैन्य ऑपरेशन था, जिसे 'ऑपरेशन रोरिंग लायन' (Operation Roaring Lion) या 'द एपिक फ्यूरी' (The Epic Fury) नाम दिया गया था. रिपोर्टों के अनुसार, इजरायली वायुसेना ने खामेनेई के सुरक्षित परिसर पर उस समय हमला किया जब वे शीर्ष नेतृत्व के साथ बैठक कर रहे थे.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने इस हमले की पुष्टि की. अमेरिका का दावा है कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम और बैलिस्टिक मिसाइलें विश्व शांति के लिए 'असहनीय खतरा' बन चुकी थीं. वैसे इस हमले का मुख्य उद्देश्य ईरान में 'सत्ता परिवर्तन' बताया गया है.

खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने 40 दिनों के शोक की घोषणा की है. ईरान की 'असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स' नए सर्वोच्च नेता की तलाश में है, जबकि इजरायल ने चेतावनी दी है कि जो भी नया नेता बनेगा, वह भी उनके निशाने पर होगा. इस समय ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच सीधा युद्ध छिड़ चुका है, जिसने पूरे मध्य पूर्व (West Asia) को अस्थिरता की आग में झोंक दिया है.

खामेनेई की हत्या वाले दिन ही दक्षिणी प्रांत होर्मोज़गान के मीनाब शहर में 'शजरेह तैयबा' गर्ल्स स्कूल पर बमबारी हुई. ईरानी मीडिया का दावा है कि जब कक्षाएं चल रही थीं, तब इजरायली-अमेरिकी विमानों ने स्कूल को निशाना बनाया, जिससे मलबे में दबकर मासूम बच्चियों की मौत हो गई.