उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के सिविल लाइन क्षेत्र में हिंदूवादी नेता सचिन राघव को भीड़ ने घेरकर सड़क पर दौड़ा-दौड़ाकर पीटा. इस हमले के बाद आक्रोशित भीड़ उन्हें खींचते हुए पास के आंबेडकर पार्क ले गई जहां उनसे वाल्मीकि समाज और डॉ. आंबेडकर के सम्मान में नारे लगवाए गए. इस पूरी घटना का गाली-गलौज और मारपीट से भरा वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है जिसके बाद हरकत में आई पुलिस ने मामले में FIR दर्ज कर ली है.
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महापंचायत में विवादित टिप्पणी से भड़का गुस्सा
मामले की शुरुआत बीते दिन UGC के विरोध में आयोजित हुई एक सवर्ण महापंचायत से जुड़ी हुई है. इस पंचायत में सचिन राघव भी मौजूद थे. आरोप है कि महापंचायत के दौरान मंच से किसी व्यक्ति ने जाटव और वाल्मीकि समाज को लेकर अमर्यादित टिप्पणी कर दी थी. टिप्पणी से नाराज लोगों ने सिविल लाइन इलाके में सचिन राघव को अकेला पाकर घेर लिया और जय भीम के नारों के बीच उन पर हमला बोल दिया.
घसीटकर आंबेडकर पार्क ले गई भीड़
सचिन राघव के साथ मारपीट का मामला सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. हमले के दौरान सचिन राघव अपनी जान बचाने के लिए हाथ जोड़कर माफी मांगते दिखे. लेकिन बेकाबू लोग उन पर थप्पड़ और बेल्ट बरसाते रहे. हालांकि कुछ लोग बीच-बचाव की हिदायत भी दे रहे थे. लेकिन हमलावर उन्हें घसीटकर आंबेडकर पार्क के भीतर ले गए और वहां डॉ. बी.आर. आंबेडकर व वाल्मीकि समाज के पक्ष में नारे लगवाए.
CCTV फुटेज से उपद्रवियों की पहचान जारी
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है. सीओ सिविल लाइन सर्वम सिंह ने बताया कि 'थाना सिविल लाइन क्षेत्र में दो व्यक्तियों के साथ मारपीट की घटना की सूचना प्राप्त हुई थी जिसका वीडियो भी वायरल हुआ है. घटना का तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. उपद्रवियों की पहचान CCTV फुटेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है. शांति व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और शीघ्र ही कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी.'
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