अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी का कैंपस इन दिनों पढ़ाई-लिखाई नहीं बल्कि एक शातिर 'हनीट्रैप' रैकेट के खुलासे की वजह से चर्चा में है. समलैंगिक यानी गे-डेटिंग ऐप्स पर दोस्ती का चारा फेंककर युवकों को फांसा जाता था. फिर हॉस्टल के बंद कमरे में बुलाकर उनके आपत्तिजनक वीडियो बना लिए जाते थे. इसके बाद शुरू होता था ब्लैकमेलिंग का गंदा खेल... इज्जत नीलाम करने की धमकी और पैसों की अंधी उगाही. पुलिस ने इस पूरे शातिर गैंग का भंडाफोड़ करते हुए AMU के BBA छात्र शहजिल को दबोच लिया है जिसने अपने साथियों के साथ मिलकर महज 6 महीनों में 26 लोगों को शिकार बनाकर 7 लाख रुपये वसूल लिए थे.
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हॉस्टल में बनता था वीडियो
सिविल लाइन थाना पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी शहजिल अपने साथी मन्नान, भोला भाई, ऑगी और अन्य के साथ मिलकर 'ग्रिडर' और 'माय बॉय' जैसे डेटिंग ऐप्स का इस्तेमाल करता था. यह गिरोह करीब 50 किलोमीटर के दायरे में शिकार की तलाश करता था. झांसे में आए लोगों को AMU के वीएम हाल हॉस्टल में बुलाया जाता था जहां उनके आपत्तिजनक वीडियो बनाकर मोटी रकम के लिए ब्लैकमेल किया जाता था. एएमयू के ही एक कर्मचारी के 19 साल के बेटे की शिकायत के बाद इस पूरे रैकेट का भंडाफोड़ हुआ.
छात्रों की गैरहाजिरी में कमरे पर जमाया अवैध कब्जा
मामले की गंभीरता को देखते हुए एएमयू प्रशासन ने तुरंत पुलिस को मौके पर बुलाया. एएमयू के प्रॉक्टर प्रो. नावेद खान के अनुसार, पकड़ा गया आरोपी शहजिल पीलीभीत के पास का रहने वाला है और BBA थर्ड ईयर का छात्र है. जिस कमरे में वह यह काला धंधा चला रहा था वह आधिकारिक तौर पर दो अन्य छात्रों को अलॉट था. यूनिवर्सिटी बंद होने और उन छात्रों के घर जाने का फायदा उठाकर शहजिल ने पिछले 3-3.5 महीनों से उस कमरे पर अवैध कब्जा कर रखा था. आरोपी के मोबाइल से कई आपत्तिजनक डेटा बरामद हुए हैं.
एएमयू कैंपस में हड़कंप
इस घटना के बाद एएमयू प्रशासन में हड़कंप मच गया है और हॉस्टलों में अवैध रूप से रह रहे बाहरी तत्वों के खिलाफ कड़ा एक्शन शुरू कर दिया गया है. एएमयू प्रॉक्टर प्रो. नावेद खान ने बताया कि 'दोपहर में सूचना मिली कि एक लड़के ने हॉल में अवैध कब्जा कर रखा है और बाहरी व्यक्ति के साथ फ्रॉड किया है. हमने तुरंत एसपी सिटी और लोकल पुलिस को बुलाया. जांच में पता चला कि आरोपी शहजिल है. हॉल के अन्य छात्रों ने भी हमारा पूरा सहयोग किया और कहा कि अवैध रूप से रह रहे लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए. इसी के तहत हमने लगभग 10 कमरों को सील कर दिया है और यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी.'
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