Vinod Sahani Murder Case: उत्तर प्रदेश के गोंडा में निषाद समाज के कारोबारी विनोद साहनी की हत्या के बाद अब परिवार ने प्रशासन पर बड़ा आरोप लगाया है. मृतक के भाई विनय साहनी ने बताया कि उनके भाई को धमकियां मिल रही थी, जिसकी जानकारी पुलिस को पहले से ही थी. उन्होंने पुलिस पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा है कि अगर पुलिस समय रहते कार्रवाई नहीं की है. विनय साहनी ने बताया उनका परिवार और आरोपी पक्ष का परिवार दोनों ही भाजपा से जुड़े हैं, फिर भी उनके परिवार की सुनवाई नहीं हो रही. भाई ने आरोप लगाया, 'भाजपा में ही भाजपा का नहीं सुना जा रहा है, जात का फर्क है, हम मछुआरे हैं.'
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दुकान बंद कर घर लौट रहे थे
मामला गोंडा के परसपुर थाना क्षेत्र के शाहपुर धनोवा गांव का है. 9 सितंबर को 45 वर्षीय विनोद साहनी अपनी बर्तन की दुकान बंद करके घर लौट रहे थे. तभी कुछ लोगों ने उन पर धारदार हथियार से हमला किया था.
हमले में विनोद गंभीर रूप से घायल हो गए थे. उन्हें इलाज के लिए लखनऊ के केजीएमयू में भर्ती कराया गया था. जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी.
परिवार का आरोप, नहीं सुनी बात
विनोद साहनी के भाई विनय साहनी ने दावा किया कि उनके भाई को पहले से धमकियां मिल रही थीं. परिवार ने इसकी जानकारी पुलिस को भी दी थी. उनका आरोप है कि इसके बावजूद पुलिस ने समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की है.
विनय ने कहा कि अगर पुलिस ने पहले ही मामले को गंभीरता से लिया होता तो शायद उनके भाई की जान बच सकती थी. उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि विनोद मछुआरों और निषाद समाज के अधिकारों की आवाज उठाते थे. इसी वजह से कुछ लोग उनसे नाराज थे.
परिवार ने सरकार से आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है.
भाई ने बुलडोजर कार्रवाई मांगी
विनय साहनी ने सरकार से एक करोड़ रुपये की आर्थिक मदद की मांग की है. इसके साथ ही उन्होंने आरोपियों की अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर कार्रवाई और दोषियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सख्त कार्रवाई की मांग भी की है.
अब तक तीन आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने अब तक इस मामले में 3 नामजद और 5-7 अज्ञात लोगों पर केस दर्ज कर चुकी है. इसके साथ ही तीन आरोपियों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है. पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ के बाद हत्या के पीछे की वजह सोशल मीडिया पर आपसी विवाद को बताया है.
इस घटना में पुलिस पर भी लापरवाही के आरोप लगे हैं. इसके बाद थानाध्यक्ष और चौकी प्रभारी को निलंबित कर दिया गया है. उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के आदेश भी दिए गए हैं.
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