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विनोद साहनी की हत्या के बाद यूपी में गरमाई राजनीति, क्या अब पूर्वांचल में बदलेगी निषाद पॉलिटिक्स?

Nishad Vote Bank: गोंडा में बर्तन व्यापारी विनोद साहनी की हत्या के बाद निषाद वोट को लेकर यूपी में सियासत तेज हो गई है. हत्या के बाद लखनऊ में धरना-प्रदर्शन हुआ है, जिसमें समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ यूपी सरकार में मंत्री संजय निषाद और वीआईपी पार्टी के नेता मुकेश सहनी भी नजर आए हैं.

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Nishad Vote Bank: उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं और इसी बीच गोंडा में बर्तन व्यापारी विनोद साहनी की हत्या के बाद निषाद वोट को लेकर सियासत तेज हो गई है. हत्या के बाद लखनऊ में धरना-प्रदर्शन हुआ है, जिसमें समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ यूपी सरकार में मंत्री संजय निषाद और वीआईपी पार्टी के नेता मुकेश सहनी भी नजर आए. इस दौरान संजय निषाद ने पुलिस की कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल गंभीर सवाल उठाए हैं.

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी विनोद साहनी की हत्या को लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है. उन्होंने बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए इसे पीडीए से जोड़ दिया. इसके बाद बीजेपी और समाजवादी पार्टी के बीच इस हत्याकांड के आरोपियों के राजनीतिक संबंधों को लेकर भी आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं.

मंत्री संजय निषाद का वीडियो वायरल

विनोद साहनी की हत्या के बाद समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता लखनऊ में धरने पर बैठ गए. हैरानी की बात यह रही कि इस धरने में यूपी सरकार के मत्स्य मंत्री संजय निषाद और वीआईपी पार्टी के नेता भी शामिल हुए थे. धरने के दौरान योगी सरकार के प्रशासन के खिलाफ खूब नारे लगाए गए. धरना स्थल से संजय निषाद का एक वीडियो भी अब खूब वायरल हो रहा है.

इस वीडियो में वह पुलिस अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कह रहे हैं कि इतनी फोर्स लगाने की क्या जरूरत है. उन्होंने पुलिस से कहा कि इस तरह के काम से सरकार की छवि खराब हो रही है और विपक्ष को बेवजह हंगामा करने का मौका मिल रहा है.

अखिलेश यादव ने सरकार को घेरा

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस मुद्दे को लेकर सोशल मीडिया पर भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा है. उन्होंने लिखा है कि भाजपा राज में पीडीए समाज के साथ अन्याय और क्रूरता हो रही है. अखिलेश यादव ने 9 सितंबर 2026 की एक चिट्ठी भी साझा की है, जो विनोद साहनी के बेटे राजा साहनी ने लिखी है. इस चिट्ठी में स्थानीय पुलिस की जानकारी में हत्या होने का आरोप लगाया गया है और न्याय की गुहार लगाई गई है. अब अखिलेश यादव यह संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं कि पीड़ित परिवार मंत्री संजय निषाद से पहले उनसे मदद मांगने आया है.

आरोपी को लेकर शुरू हुई राजनीति

इस हत्याकांड के आरोपियों को लेकर सपा और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है. सपा प्रवक्ता मनोज काका ने एक फोटो शेयर करते हुए दावा किया है कि इस हत्या का मुख्य आरोपी शुभम सिंह गोलू भाजपा का पट्टा पहनकर घूमता है.

दूसरी तरफ भाजपा के लोग भी सपा पर पलटवार कर रहे हैं. सपा इस पूरी घटना को 'पीडीए बनाम एक विशेष जाति' का रंग दे रही है, जबकि भाजपा खुद का बचाव करने में लगी है.

पूर्वांचल में निषाद वोटरों का प्रभाव

यह पूरी राजनीतिक हलचल पूर्वांचल के निषाद, मल्लाह, बिंद और केवट वोटरों को साधने के लिए हो रही है. भदोही, गोरखपुर, गाजीपुर और आजमगढ़ जैसे इलाकों में इस समुदाय का अच्छा खासा वोट बैंक है. 2024 के चुनाव में सपा के राम भुवाल निषाद के सांसद बनने से यह साफ हो गया था कि निषाद वोटर सपा की तरफ भी जा रहे हैं.

आरक्षण के मुद्दे पर मंत्री संजय निषाद पहले भी मंच पर भावुक हो चुके हैं. अब इस हत्याकांड के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि पूर्वांचल का निषाद वोटर किस पार्टी का साथ देता है.

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