Akhilesh Yadav Call Vinod Sahani Son: गोंडा के विनोद कुमार साहनी हत्याकांड को लेकर उत्तर प्रदेश की सियासत गरमा गई है. एक तरफ सपा नेता काजल निषाद गोंडा पहुंचकर पुलिस से तीखी बहस करती नजर आईं, तो दूसरी तरफ निषाद पार्टी के नेता संजय निषाद सड़क पर उतर आए. इसी बीच समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने मृतक विनोद साहनी के से फोन पर बात की. बातचीत के दौरान राजा भावुक होकर रोने लगा. अखिलेश यादव ने उसे हिम्मत रखने का भरोसा दिया और कहा कि समाजवादी पार्टी परिवार के साथ खड़ी है. इस पूरे घटनाक्रम ने हत्या के मामले को राजनीतिक रंग दे दिया है.
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अखिलेश यादव ने फोन पर बेटे से की बात
सपा के पूर्व मंत्री योगेश प्रताप सिंह ने अखिलेश यादव की बात राजा साहनी से कराई. फोन पर बातचीत शुरू होते ही राजा भावुक हो गया और रोने लगा. अखिलेश यादव ने उसे ढांढस बंधाते हुए हिम्मत रखने को कहा. बातचीत के दौरान परिवार की मांगों को भी सामने रखा गया. राजा की तरफ से पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग उठाई गई. इस पर अखिलेश यादव ने लिखित शिकायत भेजने और उसे व्हाट्सऐप करने की बात कही. बातचीत में दूसरे अधिकारी के तौर पर करुणा शंकर चतुर्वेदी का नाम भी सामने आया. इस दौरान नेटवर्क की दिक्कत के कारण फोन पर बातचीत में रुकावट भी आई.
अखिलेश ने सरकार पर बोला हमला
अखिलेश यादव के फोन से पहले राजा साहनी ने सपा प्रमुख को एक चिट्ठी भेजी थी. इसमें उसने अपने पिता की हत्या का जिक्र करते हुए न्याय की मांग की थी. राजा ने आरोप लगाया था कि पुलिस अधिकारियों की जानकारी में उसके पिता की हत्या की गई. चिट्ठी मिलने के बाद अखिलेश यादव ने इसे सोशल मीडिया पर साझा किया और योगी सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने लिखा कि भाजपा राज “अत्याचार, अहंकार और अन्याय का पर्याय” बन गया है और इसके निशाने पर पीडीए है. अखिलेश ने यह भी कहा कि अगर धर्म और न्याय में विश्वास रखने वाला कोई है तो इस हत्या का संज्ञान लिया जाए, वरना पीडीए समाज अपनी लड़ाई खुद लड़ेगा. उन्होंने बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा कि “बीजेपी में निषाद को विषाद के सिवाय कुछ नहीं मिलेगा.”
गोंडा तक सड़क पर उतरे सपा नेता
विनोद साहनी की हत्या के बाद सपा ने लखनऊ से गोंडा तक अपने नेताओं को सक्रिय कर दिया. राजपाल कश्यप ने लखनऊ में केजीएमयू के बाहर धरना दिया, जबकि गोंडा में काजल निषाद परिवार के बीच पहुंचीं. इस दौरान उनकी पुलिस से तीखी बहस भी हुई. काजल निषाद ने एनकाउंटर और बुलडोजर कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए. उन्होंने पूछा कि क्या इस मामले में भी वैसी ही कार्रवाई होगी जैसी दूसरे मामलों में देखने को मिलती है. उनका कहना था, “यादव होता, मुसलमान होता, तुरंत एनकाउंटर, तुरंत बुलडोजर.” पुलिस की तरफ से कार्रवाई का इंतजार करने की बात कही गई, जिस पर उन्होंने पूछा कि बुलडोजर और कार्रवाई कब होगी.
हत्या ने बढ़ाई राजनीतिक हलचल
इस पूरे विवाद के पीछे निषाद वोटबैंक की राजनीति को भी अहम माना जा रहा है. पूर्वांचल की राजनीति में निषाद समुदाय को लंबे समय से महत्वपूर्ण वोटबैंक माना जाता है और बीजेपी से लेकर समाजवादी पार्टी तक सभी दल इसे अपने साथ जोड़ने की कोशिश करते रहे हैं. ऐसे में एक निषाद कारोबारी की हत्या के बाद परिवार के समर्थन में नेताओं का पहुंचना राजनीतिक तौर पर भी महत्वपूर्ण हो गया है. संजय निषाद का धरने पर बैठना, काजल निषाद का परिवार के बीच पहुंचना और अखिलेश यादव का सीधे मृतक के बेटे से बात करना इसी बड़े राजनीतिक घटनाक्रम का हिस्सा माना जा रहा है.
दुकान बंद कर लौट रहे थे विनोद
गोंडा के परसपुर थाना क्षेत्र के शाहपुर धनुवा इलाके में रहने वाले 45 वर्षीय विनोद कुमार साहनी बर्तन की दुकान चलाते थे. बुधवार रात करीब 10:30 बजे वह रोज की तरह दुकान बंद कर घर लौट रहे थे. रास्ते में कुछ लोगों ने उन्हें रोक लिया और पहले मारपीट की, फिर धारदार हथियार से हमला कर दिया. गंभीर हालत में उन्हें परसपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से जिला अस्पताल गोंडा और फिर लखनऊ केजीएमयू रेफर किया गया. इलाज के दौरान गुरुवार को विनोद ने दम तोड़ दिया. इसके बाद हंगामा बढ़ गया और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठे. पुलिस ने शुभम, सुभाष और एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार किया है. एसपी ने थाना अध्यक्ष कमल शंकर चतुर्वेदी और चौकी प्रभारी को निलंबित कर कार्रवाई के आदेश दिए हैं.
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