अखिलेश यादव की रैली में अलीगढ़ से पहुंचे उनके हमशक्ल सलाउद्दीन को देख हर कोई रह गया हैरान

Akhilesh Yadav Doppelganger: अखिलेश यादव की दादरी रैली में छाए उनके हमशक्ल सलाउद्दीन. अलीगढ़ के रहने वाले इस शख्स के साथ सेल्फी लेने के लिए कार्यकर्ताओं में मची होड़. समर्थकों का दावा- 29 मार्च की इस रैली से शुरू हुआ 2027 का चुनावी बवंडर.

Akhilesh Yadav Doppelganger

गौरव कुमार पांडेय

29 Mar 2026 (अपडेटेड: 29 Mar 2026, 03:15 PM)

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Akhilesh Yadav Doppelganger: नोएडा में समाजवादी पार्टी की महा रैली के दौरान एक दिलचस्प नजारा देखने को मिला. यहां अखिलेश यादव के आने से पहले ही उनके एक हमशक्ल ने समां बांध दिया. अलीगढ़ से आए सलाउद्दीन नाम के इस शख्स का चेहरा और अंदाज पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से इतना मिलता है. लोग उन्हें 'अलीगढ़ के अखिलेश भैया' कहकर पुकार रहे थे. सलाउद्दीन को रैली स्थल के भीतर तक पहुंचने में दो घंटे से ज्यादा का समय लगा. क्योंकि हर कोई उनके साथ एक फोटो खिंचवाना चाहता था.

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सलाउद्दीन ने बातचीत के दौरान बताया कि वे समाजवादी पार्टी के सच्चे सिपाही हैं. जब उनकी शक्ल पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष से मिलती है तो वे खुद को एक नेता की तरह ही महसूस करते हैं. सलाउद्दीन के मुताबिक, 29 मार्च की यह रैली इतिहास के पन्नों में दर्ज होगी और यहीं से आगामी चुनावों के लिए सत्ता परिवर्तन की शुरुआत हो चुकी है. उन्होंने बताया कि जब वे सामान्य दिनों में बाजार जाते हैं तब भी लोग उन्हें अखिलेश यादव समझकर सेल्फी की मांग करते हैं.

पश्चिमी यूपी की हवा और पूर्वांचल का गर्दा

रैली में केवल हमशक्ल ही नहीं बल्कि पूर्वांचल से आए कार्यकर्ता भी जोश में नज़र आए. आजमगढ़ से आए एक समर्थक ने कहा कि इस बार पश्चिम की चुनावी हवा पूर्वांचल पहुंचते-पहुंचते बवंडर बन जाएगी. समर्थकों का दावा है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश से शुरू हुआ यह जनसैलाब 2027 में अखिलेश यादव को पूर्ण बहुमत के साथ मुख्यमंत्री बनाने का मार्ग प्रशस्त करेगा. कार्यकर्ताओं ने इसे एक मानक रैली बताया जहां से पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की ट्रेनिंग और चुनावी रणनीति को बूथ स्तर तक ले जाने का संकल्प लिया गया है.