Lawyers' Protest News: लखनऊ में अधिवक्ताओं के चैंबरों पर बुलडोजर कार्रवाई और लाठीचार्ज के विरोध में रायबरेली के वकीलों ने कामकाज ठप कर सड़कों पर प्रदर्शन किया। सेंट्रल बार एसोसिएशन के बैनर तले अधिवक्ताओं ने दोषियों पर कार्रवाई और मुआवजे की मांग करते हुए जोरदार नारेबाजी की.
ADVERTISEMENT
रायबरेली: लखनऊ में अधिवक्ताओं के चैंबरों पर चले बुलडोजर और उसके बाद हुए बर्बर पुलिस लाठीचार्ज की चिंगारी अब रायबरेली तक सुलग गई है, इस दमनकारी कार्रवाई के खिलाफ आज रायबरेली के वकीलों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया. 'खाकी' की इस गुंडागर्दी के विरोध में सेंट्रल बार एसोसिएशन के बैनर तले सैकड़ों अधिवक्ता कामकाज ठप कर सड़कों पर उतर आए और जमकर बवाल काटा.
सड़कों पर उतरा वकीलों का सैलाब, गूंजे 'खाकी' विरोधी नारे
जैसे ही लखनऊ में वकीलों पर लाठीभांजने की खबर रायबरेली पहुंची, वैसे ही दीवानी कचहरी परिसर छावनी में तब्दील हो गया। गुस्से से लाल अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य का पूरी तरह बहिष्कार कर दिया. हाथों में तख्तियां लिए वकीलों का हुजूम सड़कों पर उतरा तो राहगीर भी सहम गए. अधिवक्ताओं ने पुलिस प्रशासन और सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए जमकर नारेबाजी की. इस दौरान "पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद" और "अधिवक्ता एकता जिंदाबाद" के नारों से पूरा परिसर गूंज उठा.
सेंट्रल बार एसोसिएशन ने जताया भारी आक्रोश
रायबरेली सेंट्रल बार के पदाधिकारियों ने इस पूरी कार्रवाई को लोकतंत्र के चौथे स्तंभ और न्याय के प्रहरियों पर सीधा हमला करार दिया.वकीलों ने कहा कि लखनऊ में निहत्थे वकीलों पर लाठीचार्ज कर पुलिस ने अपनी औकात दिखा दी है. चैंबर तोड़ना और हक की आवाज उठाने पर लहू बहाना कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. खाकी के इस जुल्म का जवाब ईंट से ईंट बजाकर दिया जाएगा.
चेंबर टूटने से ज्यादा पीठ पर पड़ी लाठियों का दर्द, माहौल हुआ गरम
कचहरी परिसर में हर तरफ बस इसी बात की चर्चा रही कि न्याय की लड़ाई लड़ने वालों को ही आज इंसाफ के लिए सड़कों पर लहूलुहान होना पड़ रहा है। वकीलों में इस बात को लेकर भारी रोष है कि आखिर रक्षक ही भक्षक क्यों बन बैठे? अधिवक्ताओं ने कहा कि लाठीचार्ज करने वाले दोषी पुलिसकर्मियों को तुरंत निलंबित किया जाए. घायल अधिवक्ताओं को उचित मुआवजा मिले।तोड़े गए चैंबरों का तुरंत पुनर्निर्माण कराया जाए.
आर-पार की लड़ाई का ऐलान
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कोतवाली पुलिस प्रशासन भी अलर्ट मोड पर आ गया है। वहीं, रायबरेली के अधिवक्ताओं ने साफ चेतावनी दे दी है कि अगर दोषियों पर तुरंत ऐक्शन नहीं हुआ, तो यह आंदोलन सिर्फ रायबरेली या लखनऊ तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे प्रदेश की अदालतों में ताला जड़ दिया जाएगा.
फिलहाल, वकीलों के तीखे तेवरों को देखकर कचहरी से लेकर प्रशासनिक गलियारों तक में हड़कंप मचा हुआ है.
ADVERTISEMENT









