Manoj Pandey News: मंत्री बनते ही मनोज पांडेय का बड़ा फैसला, रायबरेली में भव्य स्वागत कार्यक्रम किया रद्द

Raebareli News: कैबिनेट मंत्री डॉ. मनोज पांडेय ने वीआईपी संस्कृति त्यागते हुए 15 मई का रायबरेली स्वागत समारोह रद्द कर दिया. पीएम मोदी की ईंधन बचत की अपील का सम्मान करते हुए उन्होंने भारी काफिले के बजाय जनता से आशीर्वाद मांगा और जल्द ही 'जन आशीर्वाद समारोह' का वादा किया.

Manoj Pandey Raebareli Visit

Newzo

• 05:35 PM • 14 May 2026

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Raebareli News: कैबिनेट मंत्री डॉ. मनोज कुमार पांडेय ने 15 मई को रायबरेली में होने वाला भव्य स्वागत समारोह रद्द करते हुए सादगी अपनाने का फैसला लिया है.  उन्होंने पीएम मोदी की ‘ईंधन बचत’ और वीआईपी संस्कृति से दूरी की अपील का हवाला देते हुए इसे जनहित में उठाया गया कदम बताया है.

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उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री का पदभार ग्रहण करने के बाद डॉ. मनोज कुमार पांडेय ने एक ऐसा साहसी फैसला लिया है, जिसकी हर तरफ चर्चा हो रही है. आगामी 15 मई को अपने गृह जनपद रायबरेली के प्रथम आगमन पर होने वाले भव्य स्वागत समारोह को उन्होंने अचानक रद्द कर दिया है.
​सोशल मीडिया पर एक 'विनम्र निवेदन' जारी करते हुए मंत्री मनोज पांडेय ने कहा कि वह जनता के स्नेह और उत्साह को देखकर भावुक हैं, लेकिन अनुशासन और राष्ट्रहित उनके लिए सर्वोपरि है.

​पीएम मोदी की अपील का असर

मंत्री ने स्पष्ट किया कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 'ईंधन बचाने' के आह्वान और मंत्रियों को अनावश्यक काफिले व वीआईपी कल्चर से दूर रहने के निर्देशों का पालन करते हुए उन्होंने यह कड़ा कदम उठाया है. उन्होंने कहा कि यह सम्मान मेरा व्यक्तिगत नहीं, बल्कि पूरी जनता के संघर्ष का है. लेकिन दिखावे की राजनीति से जनता को असुविधा नहीं होनी चाहिए.

​'काफिला नहीं, आशीर्वाद चाहिए': डॉ. पांडेय

भावुक अपील करते हुए डॉ. पांडेय ने कहा कि वह रायबरेली के लोगों से स्वागत में गाड़ियों की लंबी कतारें और भीड़ जुटाने के बजाय केवल दिल से आशीर्वाद चाहते हैं. उन्होंने जनता से क्षमा मांगते हुए वादा किया कि बहुत जल्द वह 'जन आशीर्वाद समारोह' के जरिए गांव-गांव जाकर हर व्यक्ति से निजी तौर पर मिलेंगे.

​राजनीतिक गलियारों में मंत्री के इस फैसले को 'वीआईपी कल्चर' पर एक बड़ी चोट और सादगी की नई मिसाल के रूप में देखा जा रहा है. उन्होंने खुद को जनता का सेवक बताते हुए साफ किया कि वह हमेशा उनके बीच एक परिवार के सदस्य की तरह ही मौजूद रहेंगे.