Raebareli News: कहते हैं कि ममता निस्वार्थ होती है, लेकिन रायबरेली में ममता का एक ऐसा खौफनाक चेहरा सामने आया है, जिसने रिश्तों को शर्मसार कर दिया. अस्पताल में डॉक्टर का इंतजार कर रही एक बेबस मां की आंखों में धूल झोंककर उसका 3 महीने का कलेजा चुराने वाली दो महिलाओं और उनके साथी को भदोखर पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है. पुलिस ने मासूम को सकुशल बरामद कर उसकी मां की गोद सूनी होने से बचा ली.
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बातों के जाल में फंसाकर ले उड़ीं मासूम
घटना गुरुवार, 7 मई की है. बेला भेला स्थित एक अस्पताल में एक महिला अपने मासूम बच्चे के साथ दवा दिलाने आई थी. वहीं घात लगाए बैठी वर्षा और नमिता नाम की दो महिलाओं ने उसे अपनी बातों के जाल में उलझा लिया. जब मां का ध्यान भटका, तो बड़ी ही चालाकी से वर्षा बच्चे को लेकर रफूचक्कर हो गई. जब तक मां को कुछ समझ आता, आरोपी अस्पताल के बाहर खड़े अपने साथी राहुल के साथ मोटरसाइकिल पर सवार होकर गायब हो चुके थे.
शादी के 13 साल बाद भी नहीं थी संतान
प्रेसवार्ता के दौरान सीओ सिटी अरुण कुमार ने इस सनसनीखेज वारदात का खुलासा करते हुए बताया कि पकड़ी गई मुख्य आरोपी वर्षा त्रिवेदी ने पूछताछ में अपना गुनाह कबूल कर लिया है. वर्षा की शादी को 13 साल बीत चुके थे लेकिन उसकी कोई संतान नहीं थी. पूर्व में एक बच्चा हुआ भी तो उसकी मृत्यु हो गई. इसी सूनी गोद को भरने की सनक में उसने अपने पति राहुल और बहन नमिता के साथ मिलकर इस किडनैपिंग की साजिश रची थी.
CCTV और सर्विलांस ने बिछाया जाल
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित टीमों ने सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस की मदद से आरोपियों की घेराबंदी शुरू की. शुक्रवार को पुलिस टीम ने बेहटा सर्विस रोड के पास से तीनों आरोपियों राहुल त्रिवेदी व उसकी पत्नी वर्षा त्रिवेदी निवासी पूरे टइया मजरे भखरवारा थाना भदोखर एवं नमिता पत्नी सत्येंद्र तिवारी निवासी परिगवां थाना मिलएरिया को धर दबोचा. पुलिस ने इनके पास से चोरी किया गया 3 माह का शिशु और घटना में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली है.आरोपियों को गिरफ्तार करने में भदोखर इंस्पेक्टर राकेश चंद्र आनंद, दारोगा सुरेश कुमार, सिपाही शिल्पी, धर्मेंद्र यादव व सूरज की अहम भूमिका रही.
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