Raebareli Road Scam: शहर के जेल रोड पर करोड़ों की लागत से बन रही सड़क अब विकास कम और विवाद का केंद्र ज्यादा बन गई है. ठेकेदार की 'अंधेरगर्दी' का आलम यह है कि सड़क को चमकाने के फेर में सीवर चैंबरों का वजूद ही मिटाया जा रहा है. सालों के इंतजार के बाद नसीब हुई सड़क पर जब ठेकेदार ने मनमानी का 'रोलर' चलाया, तो स्थानीय लोगों का धैर्य जवाब दे गया.
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'भविष्य में फिर खोदी जाएगी सड़क': पूनम तिवारी
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही पूनम तिवारी ने दो टूक शब्दों में प्रशासन को चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि लगभग 9 करोड़ की लागत से बनने वाली सड़क में इस तरह की अनदेखी हैरान करने वाली है. थोड़ी सी लापरवाही राहगीरों और हम स्थानीय लोगों के लिए मुसीबत बन जाएगी. जब तक निर्माण में सुधार नहीं किया जाता और चैंबरों को सही तरीके से व्यवस्थित नहीं किया जाता, तब तक हम सड़क का काम आगे नहीं बढ़ने देंगे.
'मानक विहीन काम बर्दाश्त नहीं': मीनू जायसवाल
वहीं, विरोध जता रही मीनू जायसवाल ने ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि वर्षों के इंतजार के बाद इस सड़क का निर्माण कार्य शुरू हुआ है, लेकिन ठेकेदार की लापरवाही इसे फिर से बदहाली की ओर धकेल रही है. जानबूझकर सीवर चैंबरों को ढका जा रहा है. अगर आज ये चैंबर बंद हो गए, तो कल सफाई के नाम पर नई सड़क को फिर से खोद दिया जाएगा. हम अपनी आंखों के सामने सरकारी धन की ऐसी बर्बादी नहीं होने देंगे."
लापरवाही की 'शॉर्टकट' नीति सड़क निर्माण में बरती जा रही
इस मानक विहीन कार्यप्रणाली ने विभाग और ठेकेदार की मिलीभगत की पोल खोल दी है. शहर कोतवाली क्षेत्र के इस व्यस्ततम मार्ग पर अगर चैंबर ढक दिए जाते हैं, तो आने वाले दिनों में सीवर जाम की समस्या विकराल रूप ले लेगी. मौके पर मौजूद दर्जनों महिलाओं और नागरिकों ने जमकर नारेबाजी करते हुए निर्माण कार्य रुकवा दिया. फिलहाल, जेल रोड पर तनाव का माहौल है. अब देखना यह है कि प्रशासन इस 9 करोड़ के खेल में दखल देता है या फिर ठेकेदार की मनमानी के आगे नतमस्तक रहता है.
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