Raebareli CDO raid one stop center manager absent action: सरकारी दफ्तरों में सुस्ती और मनमानी के खिलाफ सीडीओ अंजूलता ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है. जब मुख्य विकास अधिकारी (CDO) अंजूलता भारी-भरकम टीम के साथ अचानक 'वन स्टॉप सेंटर' की दहलीज पर पहुंचीं, तो वहां हड़कंप मच गया. मैडम के अचानक आने की खबर लगते ही कर्मचारी अपनी फाइलें और कुर्सियां संभालते नजर आए, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी.
ADVERTISEMENT
कुर्सी खाली, मैनेजर गायब: सीडीओ ने लगाई क्लास
निरीक्षण की शुरुआत ही लापरवाही के खुलासे से हुई. सेंटर की सबसे अहम कड़ी यानी सेंटर मैनेजर आस्था ज्योति ड्यूटी से नदारद मिलीं. सीडीओ ने जब हाजिरी रजिस्टर और मौके पर मौजूद कर्मचारियों का मिलान किया, तो पता चला कि 13 की जगह सिर्फ 8 कर्मचारी ही ड्यूटी पर थे. मैनेजर की इस गैर-जिम्मेदारी पर सीडीओ अंजूलता का पारा चढ़ गया. उन्होंने मौके पर ही जिला प्रोबेशन अधिकारी को फटकार लगाते हुए मैनेजर से स्पष्टीकरण मांगने और कड़ी कार्रवाई के आदेश जारी कर दिए.
खाने की क्वालिटी और सफाई पर चली 'सर्जिकल स्ट्राइक'
सीडीओ यहीं नहीं रुकीं, उन्होंने सीधे संवासिनियों के बीच पहुंचकर उनसे संवाद किया. उन्होंने पूछा कि खाना कैसा मिलता है? कोई परेशानी तो नहीं?" रसोई से लेकर रिकॉर्ड रूम तक की बारीकी से जांच की गई. फाइलों का रखरखाव सही न मिलने और परिसर में गंदगी देख सीडीओ ने सख्त हिदायत दी कि सिस्टम में सुधार लाएं वरना परिणाम भुगतने को तैयार रहें."
मैडम के कड़े निर्देश: 7 दिन में सुधारो व्यवस्था
सीडीओ अंजूलता ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को 'अल्टीमेटम' देते हुए कहा कि पीड़ित महिलाओं की काउंसलिंग में कोई ढिलाई नहीं होनी चाहिए. जिला प्रोबेशन अधिकारी को निर्देशित किया है कि एक सप्ताह के भीतर की गई कार्रवाई और सुधार की 'अनुपालन आख्या' उनके दफ्तर में टेबल पर होनी चाहिए. इस कार्रवाई के बाद से अन्य सरकारी महकमों में भी हड़कंप का माहौल है.
ADVERTISEMENT









