Raebareli News: रायबरेली के डीह थाना क्षेत्र के घीसीगढ़ गांव में गुरुवार की सुबह उस वक्त कोहराम मच गया जब एक घर में खाना बनाते समय अचानक रसोई गैस सिलेंडर बम की तरह फट गया.धमाका इतना जोरदार था कि घर की दीवारें दरक गईं और सामान के चीथड़े उड़ गए. रसोई में मौजूद पति-पत्नी मौत के मुंह में समाते समाते बाल-बाल बच गए. इसे चमत्कार ही कहेंगे कि जिस धमाके से मकान हिल गया.वहां मौजूद दंपती को खरोंच तक नहीं आई.
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भयंकर धमाका, दहल उठा इलाका
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव निवासी त्रिभुवन मौर्या पुत्र राम आनंद मौर्या अपनी पत्नी दीपका के साथ सुबह की रसोई में व्यस्त थे. दोनों चूल्हे के पास ही खड़े थे कि तभी अचानक सिलेंडर से आग की लपटें उठीं और पलक झपकते ही जोरदार विस्फोट हो गया. धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि पूरा गांव थर्रा उठा.ग्रामीण बदहवास होकर त्रिभुवन के घर की ओर दौड़े जहां मंजर बेहद डरावना था. घर के अंदर से आग की लपटें निकल रही थीं और चारों ओर धुआं ही धुआं था.
दीवारें क्षतिग्रस्त, बिखरा सामान
विस्फोट का वेग इतना भीषण था कि रसोई की दीवारें क्षतिग्रस्त हो गईं और घर के बर्तन व अन्य सामान खिलौनों की तरह इधर-उधर बिखर गए. हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई. हालांकि, जब ग्रामीण घर के अंदर घुसे तो नजारा देख हैरान रह गए. आग और मलबे के बीच त्रिभुवन और दीपका सुरक्षित खड़े थे. उन्हें सिर्फ मामूली जलन और जोरदार झटके महसूस हुए. ग्रामीणों ने आनन-फानन में आग पर काबू पाया और दंपती को बाहर निकाला.
साजिश या लापरवाही? लीकेज बन सकता था काल
परिजनों का कहना है कि सिलेंडर काफी पुराना था और उसमें गैस रिसाव (लीकेज) की आशंका थी. शायद यही लापरवाही आज दो जिंदगियों पर भारी पड़ने वाली थी.सूचना पाकर मौके पर पहुंची डीह थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. प्राथमिक जांच में गैस रिसाव ही हादसे की मुख्य वजह निकलकर सामने आ रही है।फिलहाल, गांव में इस 'चमत्कारी बचाव' की चर्चा हर जुबान पर है. पुलिस ने गैस एजेंसी को भी इस बाबत सूचित करने की बात कही है ताकि पुराने और जर्जर सिलेंडरों की आपूर्ति पर लगाम लगाई जा सके.
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