Raebareli News: कलेक्ट्रेट में आज उस वक्त सरगर्मी बढ़ गई जब जिले की नई मुखिया सरनीत कौर ब्रोका ने विधिवत कार्यभार संभाला. कुर्सी संभालते ही उन्होंने अपनी कार्यशैली और इरादों की एक झलक भी मीडिया के सामने रख दी. सख्त तेवर और सुलझी हुई बातों से उन्होंने साफ कर दिया कि रायबरेली में अब 'काम बोलेगा' और ढिलाई बरतने वालों की खैर नहीं होगी.
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मीडिया से रूबरू होते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शासन की जो प्राथमिकताएं हैं, वही उनकी भी प्राथमिकताएं रहेंगी. उन्होंने कहा, "सरकार की मंशा के अनुरूप ही जिले में विकास कार्यों को गति दी जाएगी. जन-कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए."
ग्राउंड जीरो पर दिखेगा काम का असर
डीएम ने विकास योजनाओं के धरातल पर क्रियान्वयन (Ground Execution) पर विशेष जोर दिया. उनका मानना है कि फाइलें तभी चमकती हैं जब जमीन पर बदलाव दिखता है. उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
फरियादियों की शिकायतों पर 'सुपर एक्शन'
आम जनता के लिए डीएम के दफ्तर के दरवाजे हमेशा खुले रहने का भरोसा दिलाते हुए उन्होंने कहा कि जनता की शिकायतों का निस्तारण केवल कागजों पर नहीं, बल्कि गुणवत्ता के साथ किया जाएगा. जिलाधिकारी ने कहा, "लोग अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद में प्रशासन के पास आते हैं. हमारा लक्ष्य उनका 'सैटिस्फेक्शन लेवल' (संतुष्टि का स्तर) बढ़ाना है. जब फरियादी संतुष्ट होकर जाएगा, तभी हमारा काम सफल माना जाएगा."
अधिकारियों में मची खलबली
नई जिलाधिकारी के इन कड़े तेवरों ने विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच खलबली मचा दी है. कलेक्ट्रेट परिसर में चर्चा है कि अब पेंडिंग फाइलों को तेजी से निपटाना होगा, क्योंकि मैडम का पूरा फोकस रिजल्ट और पब्लिक सैटिस्फेक्शन पर है. अब देखना दिलचस्प होगा कि नई डीएम के आने के बाद रायबरेली की विकास की गाड़ी कितनी रफ्तार पकड़ती है और फरियादियों को कितनी राहत मिलती है.
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