Raebareli News: रायबरेली पुलिस के अपराधियों को सजा दिलाने वाले अभियान 'ऑपरेशन कन्विक्शन' को शुक्रवार को एक बड़ी कामयाबी मिली है. जिले की विशेष अदालत (एससी/एसटी एक्ट) ने वर्ष 2018 के एक चर्चित हत्याकांड में पति और पत्नी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. कोर्ट ने दोनों दोषियों पर कुल 3 लाख 10 हजार रुपये का भारी अर्थदंड भी लगाया है.
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यह मामला वर्ष 2018 का है, जब हरचंदपुर थाने में एक हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था. पुलिस ने इस मामले की जांच बेहद बारीकी और गुणवत्तापूर्ण तरीके से की. पुलिस और अभियोजन पक्ष ने आपसी तालमेल बनाकर वैज्ञानिक सबूतों और गवाहों को अदालत के सामने मजबूती से पेश किया, जिसके चलते दोषियों को सजा दिलाना संभव हो सका.
क्या था मामला और किसे मिली सजा?
अदालत ने जोहवाशर्की गांव के रहने वाले रामगोपाल माली और उसकी पत्नी लीलावती को इस हत्या और साजिश का दोषी पाया. उन पर हत्या, सबूत मिटाने और आपराधिक साजिश रचने के साथ ही एससी/एसटी एक्ट की धाराओं के तहत मुकदमा चला. शुक्रवार को कड़ी सुरक्षा के बीच दोनों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाकर वापस जेल भेज दिया गया।.
पुलिस की प्रभावी पैरवी का मिला परिणाम
इस पूरे केस को मुकाम तक पहुँचाने में अभियोजन टीम का अहम योगदान रहा, जिसका नेतृत्व विनय कुमार शुक्ला ने किया.इसके अलावा, कोर्ट मोहर्रिर मो. अफजल और थाना हरचंदपुर के पैरोकार गोविंद की सक्रियता की भी सराहना की गई है.
एसपी ने दी चेतावनी
इस फैसले के बाद रायबरेली के एसपी रवि कुमार ने कहा कि 'ऑपरेशन कन्विक्शन' के तहत गंभीर अपराधों में अपराधियों को जल्द से जल्द सजा दिलाने का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा. यह फैसला उन लोगों के लिए एक कड़ा संदेश है जो कानून को अपने हाथ में लेने की कोशिश करते हैं.
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