Raebareli Crime News: सात साल पहले जिस दरिंदगी ने इंसानियत को शर्मसार किया था, आज कानून के हथौड़े ने उस पर न्याय की अंतिम मुहर लगा दी है. डीह क्षेत्र के मोहगवा निवासी नीरज यादव को अदालत ने न केवल दुष्कर्म का दोषी माना, बल्कि उसे 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाकर जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया है.
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क्या था मामला?
इंसाफ की यह लड़ाई साल 2019 से शुरू हुई थी. पीड़िता ने आपबीती सुनाते हुए बताया था कि 23 अप्रैल 2019 की शाम जब वह खेत से घर लौट रही थी, तभी रास्ते में घात लगाए बैठे नीरज ने उसे दबोच लिया. आम के पेड़ के सन्नाटे में आरोपी ने हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं और उसे जान से मारने की धमकी भी दी.
कोर्ट में ढहा 'बहानेबाजी' का किला
मामले की सुनवाई अष्टम अपर जिला जज अभिषेक सिन्हा की अदालत में हुई. सरकारी वकील दिनेश बहादुर सिंह ने पीड़ित पक्ष का मजबूती से पक्ष रखा. कोर्ट के सामने चिकित्सक समेत सात गवाहों को पेश किया गया. इन पुख्ता गवाहों और सबूतों के आगे आरोपी की हर दलील धरी की धरी रह गई.
भारी पड़ा पाप का बोझ
अदालत ने जुर्म की गंभीरता को देखते हुए नीरज यादव को 10 साल की सश्रम सजा (कड़ी मशक्कत के साथ जेल) और 12 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है. फैसला सुनाते ही पुलिस ने दोषी को हिरासत में ले लिया. कोर्ट के इस कड़े रुख से अपराधियों में हड़कंप है, वहीं पीड़िता के परिवार ने राहत की सांस ली है.
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