Raebareli Dinesh Pratap Singh: 'VIP कल्चर को दिनेश प्रताप सिंह ने कहा अलविदा, सुरक्षा काफिला ठुकराया, बोले- जनता के पैसे की बर्बादी नहीं होगी

Raebareli News: यूपी के राज्य मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने सरकारी धन बचाने के लिए सुरक्षा काफिले और पायलट गाड़ियों के इस्तेमाल से इनकार कर दिया. उन्होंने ईंधन बचत और जनहित में सार्वजनिक परिवहन के उपयोग व सादगीपूर्ण कार्यप्रणाली अपनाने पर जोर देकर नई मिसाल पेश की है.

Dinesh Pratap Singh Raebareli

Newzo

• 01:40 PM • 14 May 2026

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Raebareli News: उत्तर प्रदेश के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने अपने रायबरेली दौरे के दौरान सुरक्षा काफिले और पायलट गाड़ियों के इस्तेमाल से साफ इनकार कर दिया है. मंत्री ने इसे सरकारी धन की बचत और वीआईपी संस्कृति कम करने की दिशा में कदम बताया है.

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उत्तर प्रदेश सरकार के उद्यान एवं कृषि विपणन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने सादगी और मितव्ययिता की एक नई मिसाल पेश की है. उन्होंने जिला प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि उनके रायबरेली प्रवास के दौरान सुरक्षा के नाम पर संसाधनों का अनावश्यक प्रदर्शन न किया जाए. मंत्री ने अपनी सुरक्षा में लगने वाली 'थाने से थाने' की पायलट गाड़ियों को साथ लेने से साफ इनकार कर दिया है. 


मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को लिखे पत्र में कहा कि उनके प्रवास के दौरान सुरक्षा की गाड़ियां उनके साथ नहीं भेजी जाएं. उन्होंने यह भी निर्णय लिया है कि पार्टी या सरकारी कार्यक्रमों में भाग लेते समय विभाग के अधिकारियों की गाड़ियों का काफिला उनके साथ नहीं चलेगा. जिस विभाग का कार्यक्रम होगा, केवल उसी विभाग के अधिकारी आवश्यकतानुसार वाहन का प्रयोग कर सकेंगे.

​पब्लिक ट्रांसपोर्ट के उपयोग पर जोर

मंत्री ने सादगी पर जोर देते हुए कहा कि कार्यक्रमों का आयोजन कम से कम किया जाए. यदि जनहित में कोई कार्यक्रम अनिवार्य हो, तो वहां जाने के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट (सार्वजनिक वाहन) का अधिक से अधिक उपयोग किया जाए. उन्होंने उत्सवधर्मी आयोजनों से भी दूरी बनाने का संकल्प लिया है ताकि अनावश्यक ईंधन और ऊर्जा का अपव्यय रोका जा सके. उन्होंने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री और उत्तर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री के निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करना हमारा कर्तव्य है. राष्ट्र के व्यापक हित में ऊर्जा और ईंधन की बचत जरूरी है.

​संस्थाएं निर्णय लेने को स्वतंत्र

हालांकि, मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि सुरक्षा एजेंसियां या आकलन करने वाली संस्थाएं किसी प्रकार का जोखिम पाती हैं, तो वे अपनी कार्यप्रणाली के अनुसार निर्णय लेने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र होंगी. मंत्री के इस कदम को सरकारी धन के सदुपयोग और 'वीआईपी कल्चर' को खत्म करने की दिशा में एक बड़ा संदेश माना जा रहा है.