'UGC के बाप' बने घूम रहे थे वाराणसी के कीर्तिभान त्रिपाठी, पुलिस ने पकड़ी बुलेट तो निकल गई सारी हेकड़ी

वाराणसी के कैंट इलाके में 'यूजीसी के बाप' लिखी बुलेट को पुलिस ने सीज कर दिया है. बाइक मालिक नगर निगम का कर्मचारी है. पुलिस ने नंबर प्लेट से छेड़छाड़ पर सख्त कार्रवाई की है.

यूपी तक

• 04:56 PM • 07 Apr 2026

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वाराणसी में एक युवक को अपनी बुलेट पर अजीबोगरीब स्लोगन लिखकर घूमना भारी पड़ गया. कैंट थाना क्षेत्र के विकास भवन के बाहर खड़ी एक बुलेट ने उस वक्त सबका ध्यान खींचा, जब उसकी नंबर प्लेट पर गाड़ी के नंबर के बजाय बड़े-बड़े अक्षरों में 'यूजीसी के बाप' लिखा हुआ नजर आया. गश्त पर निकले थाना प्रभारी (SHO) इस स्टाइल को देखकर दंग रह गए और तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए.

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चेकिंग के दौरान फंसी 'यूजीसी के बाप' वाली बुलेट

कैंट थाना प्रभारी शिवकांत मिश्रा अपनी टीम के साथ विकास भवन के पास वाहन चेकिंग और गश्त पर थे. इसी दौरान उनकी नजर बाउंड्री वॉल के पास खड़ी एक बुलेट पर पड़ी. पास जाकर देखा तो पुलिस अधिकारी भी हैरान रह गए गाड़ी पर नंबर गायब था और उसकी जगह आपत्तिजनक स्लोगन लिखा था. पुलिस ने तुरंत गाड़ी को कब्जे में लिया और उसे सीज कर थाने भिजवा दिया. SHO ने मौके पर तंज कसते हुए कहा, "गजब पागल लोग हैं, यह भी कोई स्टाइल है?"

नगर निगम का संविदा कर्मचारी निकला बाइक मालिक

पुलिस जांच में पता चला कि इस विवादित बुलेट का मालिक कीर्तिभान मणि त्रिपाठी है. कीर्तिभान वाराणसी के चौबीपुर थाना क्षेत्र के उमरा गांव का निवासी है और वर्तमान में नगर निगम में संविदा कर्मचारी के रूप में तैनात है. पुलिस का कहना है कि नंबर प्लेट के साथ छेड़छाड़ करना और उस पर जातिसूचक या भड़काऊ शब्द लिखना मोटर व्हीकल एक्ट का सीधा उल्लंघन है. आरोपी ने 'यूजीसी' के नियमों के विरोध के संदर्भ में यह स्लोगन लिखा था, जो उसे अब महंगा पड़ रहा है.

यूजीसी विवाद और पुलिस का सख्त रुख

बता दें कि हाल के दिनों में उत्तर प्रदेश में यूजीसी (UGC) के नए नियमों को लेकर काफी विरोध प्रदर्शन देखे गए थे. सवर्ण छात्रों ने इन नियमों के खिलाफ मोर्चा खोला था, जिसे लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा और फिलहाल वहां से स्टे लगा हुआ है. इसी विरोध की धुन में बाइक मालिक ने खुद को 'यूजीसी का बाप' लिखवा लिया. पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सड़कों पर इस तरह का 'भौकाल' बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया प्रचलित है.