एडीएम ज्योति मौर्य और उनके पति आलोक मौर्य का विवाद एक बार फिर सुर्खियों में लौट आया है. हाल ही में आलोक मौर्य ने मीडिया के सामने यह दावा कर सबको चौंका दिया कि उनके और ज्योति के बीच अब सब कुछ ठीक हो गया है और वे फिर से साथ रहने लगे हैं. इस दावे की सच्चाई परखने के लिए यूपी Tak की टीम गाजियाबाद जिलाधिकारी कार्यालय पहुंची, जहां ज्योति मौर्य वर्तमान में अपर जिलाधिकारी के पद पर तैनात हैं.
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कैमरे पर चुप्पी, लेकिन ऑफ-कैमरा दिए संकेत
यूपी Tak की टीम ने जब गाजियाबाद कलेक्ट्रेट में एडीएम ज्योति मौर्य से मुलाकात की और आलोक मौर्य के सुलह वाले बयान पर सवाल पूछा, तो उन्होंने कैमरे पर कुछ भी बोलने से साफ इनकार कर दिया. हालांकि, ऑफ-कैमरा बातचीत में उन्होंने संकेत दिया कि वह इस निजी मामले को अब और तूल नहीं देना चाहतीं. ज्योति मौर्य का कहना है कि मीडिया में पहले ही इस विषय पर बहुत कुछ चल चुका है, इसलिए वह फिलहाल अपना पक्ष सार्वजनिक रूप से नहीं रखेंगी.
बेवफाई के आरोपों से लेकर कोर्ट की दहलीज तक
ज्योति और आलोक मौर्य का यह मामला साल 2022-23 में तब राष्ट्रीय सुर्ख़ियों में आया था जब आलोक ने ज्योति पर धोखाधड़ी और बेवफाई के गंभीर आरोप लगाए थे. साल 2010 में वाराणसी की ज्योति की शादी प्रतापगढ़ के आलोक से हुई थी. आलोक का दावा है कि उन्होंने सफाई कर्मचारी की छोटी सी नौकरी के बावजूद कर्ज लेकर ज्योति को पढ़ाया, जिसके बाद 2015 में ज्योति ने यूपीपीसीएस में 16वीं रैंक हासिल की. साल 2020 के बाद रिश्तों में खटास आई और आलोक ने ज्योति पर भ्रष्टाचार व किसी तीसरे व्यक्ति से संबंध के आरोप लगाए, वहीं ज्योति ने आलोक पर अपनी नौकरी को लेकर झूठ बोलने का आरोप लगाया था.
क्या वाकई खत्म हुई कानूनी जंग?
प्रयागराज की फैमिली कोर्ट में साल 2023 से 2025 तक चली लंबी कानूनी लड़ाई और ज्योति द्वारा दाखिल तलाक की अर्जी के बीच 2026 में आलोक का सुलह वाला बयान कई सवाल खड़े कर रहा है. सोशल मीडिया पर एक बार फिर ज्योति मौर्य को लेकर मीम्स और टिप्पणियों का दौर शुरू हो गया है. हालांकि, ज्योति मौर्य की रहस्यमयी चुप्पी और आलोक का सार्वजनिक दावा एक-दूसरे के विपरीत नज़र आ रहे हैं. क्या यह विवाद वाकई खत्म हो गया है या यह किसी कानूनी रणनीति का हिस्सा है, यह आने वाले वक्त में साफ होगा.
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