Varanasi Crime News Update: वाराणसी के सारनाथ में हुए हाई-प्रोफाइल नर्सिंग छात्रा मौत मामले में एक सनसनीखेज खुलासा हुआ है.सामने आई जानकारी के मुताबिक 20 साल की नर्सिंग छात्रा प्रेग्नेंट थी. ऐसे में अब आशंका जताई जा रही है कि युवती के प्रेग्नेंट होने के बाद उसके बॉयफ्रेंड ने उसे गर्भनिरोधक दवा खिलाई थी जिसके बाद छात्रा की तबीयत अचानक बिगड़ गई और हैवी ब्लीडिंग होने की वजह से वह पीजी की सीढ़ियों पर तड़पकर अचेत हो गई और उसकी जान चली गई. फिलहाल पुलिस ने मुख्य आरोपी बॉयफ्रेंड समीर को हिरासत में ले लिया है.
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घर से खुशी-खुशी 2 लंचबॉक्स लेकर निकली थी छात्रा
चंदौली के बलुआ थाने में तैनात एक सिपाही की 20 साल की बेटी सारनाथ थाने के ही सरकारी क्वार्टर में अपने माता-पिता के साथ रहती थी. वह पास के ही एक कॉलेज से नर्सिंग की पढ़ाई कर रही थी. उसी कॉलेज में पढ़ने वाले एक युवक से उसका प्रेम प्रसंग चल रहा था. युवक अकथा इलाके के एक पेइंग गेस्ट हाउस में रहता था.सामने आए अपडेट के मुताबिक, कॉलेज में गर्मी की छुट्टियां हो चुकी थीं और समीर अपने घर जाने वाला था. इसलिए छात्रा उससे आखिरी बार मिलने पहुंची थी. वह घर से बेहद खुश होकर अपने साथ 2 लंचबॉक्स तैयार करके बॉयफ्रेंड के पीजी गई थी.
कमरे के भीतर दवा और सीढ़ियों पर मिला खून
लंचबॉक्स लेकर पहुंची छात्रा करीब 2 घंटे तक बॉयफ्रेंड के कमरे के भीतर ही मौजूद थी. आशंका है कि इसी दौरान बॉयफ्रेंड ने बदनामी के डर से प्रेगनेंसी छुपाने के लिए उसे कोई हैवी गर्भनिरोधक दवा खिला दी. दवा खाते ही छात्रा के शरीर में भयानक रिएक्शन हुआ और उसके प्राइवेट पार्टस से अत्यधिक ब्लीडिंग शुरू हो गई. असहनीय दर्द से तड़पती हुई छात्रा जब कमरे से बाहर भागीतो वह पीजी की सीढ़ियों पर ही बेसुध होकर गिर पड़ी. इस दौरान बॉयज हॉस्टल में हड़कंप मच गया. आनन-फानन में उसे पास के एक निजी अस्पताल ले जाया गया. लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.
बॉयफ्रेंड पुलिस की हिरासत में
इस घटना के बाद पूरे इलाके और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है क्योंकि मृतका खुद एक पुलिसकर्मी की बेटी है. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी बॉयफ्रेंड समीर को हिरासत में ले लिया है और उससे बंद कमरे में सघन पूछताछ की जा रही है. इस पूरे मामले पर अधिकारिक जानकारी देते हुए एसीपी सारनाथ विदूष सक्सेना ने बताया कि 'नर्सिंग छात्रा पीजी में अचेत अवस्था में पाई गई थी जिसकी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई. शुरुआती जांच में डॉक्टरों को शरीर पर बाहर से किसी चोट के निशान नहीं मिले हैं. अत्यधिक ब्लीडिंग और दवा खिलाए जाने की जो आशंका जताई जा रही है. फिलहाल डॉक्टरों के एक विशेष पैनल द्वारा पोस्टमार्टम कराया गया है. रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह साफ हो पाएगी.'
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