मीट-मांस और मछली की सभी दुकानें 6 महीने में शहर से बाहर होंगी शिफ्ट..., नगर-निगम के फैसले के बाद वाराणसी के इन 5 इलाकों में मिलेगा अब नॉन-वेज

रोशन जायसवाल

07 Jun 2026 (अपडेटेड: 20 Jul 2026, 11:57 AM)

Varanasi News: वाराणसी में धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को ध्यान में रखते हुए नगर निगम ने एक अहम फैसला लिया है, जिसके तहत शहर की सीमा के भीतर संचालित मीट, मांस और मछली की दुकानों को बाहर स्थानांतरित किया जाएगा.

Varanasi Meat Shop Relocation News

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Varanasi Meat Shop Relocation News: वाराणसी में धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को ध्यान में रखते हुए नगर निगम ने एक अहम फैसला लिया है, जिसके तहत शहर की सीमा के भीतर संचालित मीट, मांस और मछली की दुकानों को बाहर स्थानांतरित किया जाएगा. यह निर्णय नगर निगम की साधारण सभा (सदन) की बैठक में सहमति के बाद लिया गया, जो शनिवार को मैदागिन स्थित टाउनहाल भवन में आयोजित की गई थी. बैठक में शहर के विकास, स्वच्छता और अतिक्रमण जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई, लेकिन सबसे बड़ा निर्णय मीट-मांस और मछली की दुकानों को व्यवस्थित करने को लेकर रहा.

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नगर निगम सदन की बैठक में बड़ा फैसला

बैठक की अध्यक्षता महापौर अशोक कुमार तिवारी ने की, जिसमें शहर को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से इस प्रस्ताव पर अंतिम सहमति बनी. नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया कि शहर के भीतर फैली इन दुकानों को नियंत्रित करने और उन्हें निर्धारित स्थानों पर शिफ्ट करने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी. नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने सदन को जानकारी दी कि योजना के पहले चरण में ही पांच स्थानों को चिन्हित कर लिया गया है, जहां इन दुकानों को स्थानांतरित किया जाएगा.

बाहरी क्षेत्रों में तय किए गए स्थान

नगर निगम की योजना के तहत शहर के भीतर संचालित मीट और मछली की दुकानों को रामनगर, सूजाबाद, गणेशपुर, अवलेशपुर और शिवपुर क्षेत्रों में शिफ्ट किया जाएगा. प्रशासन का कहना है कि ये सभी स्थान शहर की बाहरी सीमाओं के नजदीक हैं, जिससे आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो और व्यापार भी सुचारू रूप से चलता रहे. अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि इस निर्णय का उद्देश्य शहर की व्यवस्था को बेहतर बनाना और पर्यावरणीय स्वच्छता को बनाए रखना है.

पार्षदों की आपत्तियां और व्यापारियों की चिंता

सदन की बैठक में पार्षद गुलशन अली ने इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि लगभग एक वर्ष पहले भी ऐसी ही योजना प्रस्तावित की गई थी, लेकिन उस पर अब तक प्रभावी अमल नहीं हो सका है. उन्होंने यह भी कहा कि सावन माह में दुकानों के बंद रहने से मीट व्यवसायियों की आजीविका पर गंभीर असर पड़ता है, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट उत्पन्न हो जाता है. इस मुद्दे पर सदन में विस्तृत चर्चा हुई और व्यापारियों की समस्याओं को भी गंभीरता से सुना गया.

छह महीने में लागू होगी योजना

महापौर अशोक कुमार तिवारी ने स्पष्ट किया कि आने वाले छह महीनों के भीतर सभी दुकानें शहर की सीमा से बाहर स्थानांतरित कर दी जाएंगी. उन्होंने कहा कि शहर के भीतर संचालित कई दुकानें अवैध हैं और वाराणसी जैसे धार्मिक एवं पर्यटन महत्व वाले शहर में व्यवस्था और स्वच्छता सर्वोच्च प्राथमिकता है. महापौर ने यह भी कहा कि लाखों पर्यटक काशी में आते हैं, इसलिए शहर की छवि को बेहतर बनाए रखने के लिए यह कदम जरूरी है. नगर निगम ने आश्वासन दिया है कि इस योजना को चरणबद्ध तरीके से जमीन पर उतारा जाएगा और किसी भी नागरिक को अनावश्यक परेशानी नहीं होने दी जाएगी.