Etawah News: लखनऊ के अक्षत सिंह ने जिस तरीके से अपने पिता मानवेंद्र सिंह की हत्या की वो बेहद ही भयानक है. अक्षत ने पिता को गोली मारी और आरी से उनके शव के टुकड़े-टुकड़े कर दिए. इस बीच कुछ ऐसा ही मामला इटावा जिले से सामने आया है. यहां नीलोई गांव में 26 जनवरी 2026 को हुई मुन्नालाल की मौत की गुत्थी पुलिस ने सुलझाने का दावा किया है. पुलिस के अनुसार, मुन्नालाल की हत्या किसी और ने नहीं बल्कि उनके सगे बेटे गजराज ने की थी. पुलिस ने आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.
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पुलिस को सूचना मिली थी कि मुन्नालाल की पीटकर और जलाकर हत्या कर दी गई है. जब पुलिस मौके पर पहुंची तो खेतों में बने एक कमरे के भीतर मुन्नालाल का शव मिला. उन्हें रजाई में लपेटकर आग के हवाले किया गया था. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में यह सच्चाई सामने आई कि पहले मुन्नालाल को डंडे से बेरहमी से पीटा गया और फिर आग लगाकर उनकी जान ली गई.
बेटे ने ही दी थी सूचना फिर पूछताछ में उसने ये बताया
सीओ जसवंतनगर आयुषी सिंह ने बताया कि मुन्नालाल की मौत की सूचना सबसे पहले उनके बेटे गजराज ने ही पुलिस को दी थी. पुलिस ने जब पूछताछ की तो गजराज के बयानों में विरोधाभास मिला. पुलिस का दावा है कि कड़ाई से पूछने पर उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया.
गजराज ने पिता को क्यों मारा
पूछताछ के दौरान आरोपी गजराज ने बताया कि उसे शराब पीने की लत है. उस पर कई लोगों का भारी कर्ज हो गया था. कर्ज चुकाने के लिए वह अपनी जमीन बेचना चाहता था. पिता मुन्नालाल जमीन बेचने के सख्त खिलाफ थे जिसे लेकर दोनों में अक्सर विवाद होता था.
25 जनवरी की वो खौफनाक रात जब गटी वारदात
जमीन न बेच पाने की कुंठा में गजराज ने 25 जनवरी की रात को डंडे से वार कर अपने पिता की हत्या कर दी. इसके बाद सबूत मिटाने और इसे हादसे का रूप देने के लिए उसने पिता की बॉडी को रजाई में लपेटा और कमरे में मौजूद बोरियां डालकर आग लगा दी. पुलिस ने आरोपी गजराज के खिलाफ केस दर्ज किया है. आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है.
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