Sitapur News: गाजीपुर के पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे थे कांग्रेस सांसद राकेश राठौर, सीतापुर में उनके साथ ये हुआ

Rakesh Rathore strike Sitapur: बताया जा रहा है कि सांसद राकेश राठौर गाजीपुर में एक पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोककर हाउस अरेस्ट कर दिया.

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Newzo

27 Apr 2026 (अपडेटेड: 27 Apr 2026, 03:25 PM)

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Sitapur News: सीतापुर. उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में कांग्रेस सांसद राकेश राठौर ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. गाजीपुर जाने के दौरान पुलिस द्वारा रोके जाने और हाउस अरेस्ट किए जाने से नाराज सांसद अपने आवास के बाहर आमरण अनशन पर बैठ गए हैं. उनका अनशन लगातार 16 घंटे से जारी है.

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बताया जा रहा है कि सांसद राकेश राठौर गाजीपुर में एक पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोककर हाउस अरेस्ट कर दिया. इस कार्रवाई को सांसद ने लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए विरोध स्वरूप अनशन शुरू कर दिया.

सांसद के आवास के बाहर भारी पुलिस बल और पीएसी तैनात कर दी गई है. सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और स्थानीय लोगों की भीड़ भी मौके पर जुट रही है. स्थिति को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है.

मामले को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी लगातार प्रयास कर रहे हैं. सिटी मजिस्ट्रेट मीनाक्षी पांडे, एसडीएम सदर, सीओ सिटी तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आलोक कुमार सिंह सहित कई अधिकारी देर रात तक सांसद के आवास पर मौजूद रहे. सांसद और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच करीब दो घंटे तक वार्ता भी हुई, लेकिन फिलहाल कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका है.

इस बीच सांसद की सेहत को लेकर भी चिंता बढ़ गई है. डॉक्टरों की टीम ने उनके आवास पर पहुंचकर स्वास्थ्य परीक्षण किया. डॉक्टर रवि शेखर ने उनका परीक्षण किया और ब्लड सैंपल जांच के लिए भेजा गया. बताया जा रहा है कि सांसद पहले से ही बीपी और शुगर जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं.

सांसद राकेश राठौर ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक शहर कोतवाल दिनेश प्रकाश पांडे के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक वह अपना अनशन समाप्त नहीं करेंगे. उनका आरोप है कि पुलिस का व्यवहार न केवल अनुचित था, बल्कि यह जनप्रतिनिधियों के अधिकारों का भी उल्लंघन है.

फिलहाल, प्रशासन संवाद के माध्यम से समाधान निकालने में जुटा है. सीतापुर का माहौल तनावपूर्ण जरूर है, लेकिन स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है. अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि यह गतिरोध कब समाप्त होगा और प्रशासन सांसद की मांगों पर क्या निर्णय लेता है.