Saharanpur News: सहारनपुर में नवजात की मौत के मामले में बड़ी कार्रवाई, सिंघल हेल्थ केयर सील, FIR की तैयारी

Saharanpur Health Department News: सहारनपुर में नवजात की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बेहट रोड स्थित सिंघल हेल्थ केयर को सील कर दिया. जांच में अस्पताल के पंजीकरण और योग्य चिकित्सकों को लेकर गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं. संचालक के खिलाफ FIR दर्ज करने की तैयारी चल रही है.

सहारनपुर में नवजात की मौत के मामले में बड़ी कार्रवाई, सिंघल हेल्थ केयर सील, FIR की तैयारी

सहारनपुर में नवजात की मौत के मामले में बड़ी कार्रवाई, सिंघल हेल्थ केयर सील, FIR की तैयारी

Newzo

• 02:04 PM • 19 Jun 2026

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Saharanpur Health Department News: सहारनपुर नवजात शिशु की मौत की शिकायत पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. प्रवीन कुमार के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बेहट रोड स्थित सिंघल हेल्थ केयर को सील कर दिया. उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कुनाल जैन के नेतृत्व में पुलिस बल के साथ हुई कार्रवाई से अवैध रूप से संचालित चिकित्सा प्रतिष्ठानों में हड़कंप मच गया है. 

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शिकायतकर्ता शुभम पांचाल निवासी हनुमान नगर, बेहट रोड ने थाना कोतवाली देहात में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि 12 जून को उन्होंने अपनी नौ माह की गर्भवती पत्नी काजल को सिंघल हेल्थ केयर में भर्ती कराया था. ऑपरेशन के बाद अस्पताल ने नवजात को मृत घोषित कर दिया.
 
शिकायतकर्ता का आरोप है कि अस्पताल के पास न तो वैध लाइसेंस था और न ही योग्य चिकित्सक उपलब्ध थे. घटना के बाद अस्पताल संचालक नरेन्द्र सिंघल मौके से फरार हो गया CMO डॉ. प्रवीन कुमार ने बताया कि शिकायत मिलने पर तत्काल जांच के आदेश दिए गए. जांच में प्रतिष्ठान का पंजीकरण संबंधी कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं मिला. 16 जून को नोटिस जारी किए जाने के बावजूद कोई जवाब नहीं दिया गया. इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर कुछ चिकित्सा उपकरण जब्त किए और अस्पताल को सील कर दिया.

डॉ. प्रवीन कुमार ने कहा कि प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि प्रसव कराने के दौरान प्रशिक्षित डॉक्टर या योग्य स्टाफ मौजूद नहीं था. उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि संचालक नरेन्द्र सिंघल निर्धारित समय के भीतर पंजीकरण और अन्य आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में FIR दर्ज कराई जाएगी. 

स्वास्थ्य विभाग ने जनता से अपील की है कि इलाज और प्रसव केवल पंजीकृत अस्पतालों एवं योग्य चिकित्सकों की देखरेख में ही कराएं.