सहारनपुर में पंजाबी समाज का प्रदर्शन, अपमानजनक शब्दों पर कानून बनाने की मांग

Saharanpur Punjabi community News: सहारनपुर में पंजाबी समाज ने सम्मान और पहचान से जुड़े मुद्दे को लेकर आवाज बुलंद की है. प्रधानमंत्री के नाम सौंपे गए ज्ञापन में रिफ्यूजी, शरणार्थी और पाकिस्तानी जैसे शब्दों के इस्तेमाल पर कानूनी रोक लगाने की मांग की गई. संगठन ने इसे समाज की भावनाओं और पूर्वजों के बलिदान से जुड़ा विषय बताया.

Saharanpur  News

Saharanpur News

Newzo

16 Jun 2026 (अपडेटेड: 16 Jun 2026, 02:30 PM)

follow google news

Saharanpur Punjabi community News: सहारनपुर में आज पंजाबी संगठन उत्तर प्रदेश के प्रांतीय उपाध्यक्ष एवं जिला अध्यक्ष राधेश्याम नारंग के नेतृत्व में अरोड़ा-खत्री पंजाबी समाज के प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा.

यह भी पढ़ें...

ज्ञापन में मांग की गई कि पंजाबी समाज के लिए रिफ्यूजी, शरणार्थी और पाकिस्तानी जैसे अपमानजनक शब्दों के प्रयोग पर रोक लगाने के लिए कानून बनाया जाए. राधेश्याम नारंग ने कहा कि 1947 के विभाजन के दौरान पश्चिमी पंजाब से आए लाखों परिवारों ने अपने घर, जमीन-जायदाद और कारोबार छोड़कर भारत को चुना था. उन्होंने कहा कि पंजाबी समाज ने हमेशा भारत और भारतीय संविधान में आस्था रखी है तथा देश के विकास और संकट के समय बढ़-चढ़कर योगदान दिया है. ऐसे में समाज को रिफ्यूजी या पाकिस्तानी कहना उनके पूर्वजों के त्याग और बलिदान का अपमान है.

उन्होंने बताया कि हाल ही में हरियाणा के हिसार में भी पंजाबी समाज के लोगों को इस प्रकार के शब्दों से संबोधित कर अपमानित किया गया था, जिस पर कार्रवाई हुई. संगठन ने मांग की कि भविष्य में यदि कोई व्यक्ति पंजाबी समाज के लिए ऐसे शब्दों का प्रयोग करे तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई और दंड का प्रावधान किया जाए.

ज्ञापन के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकार से सामाजिक सौहार्द, भाईचारा और सम्मान बनाए रखने की अपील की गई. संगठन पदाधिकारियों ने कहा कि पंजाबी समाज सदैव राष्ट्रहित में कार्य करता आया है और किसी भी प्रकार की अपमानजनक टिप्पणी समाज की भावनाओं को आहत करती है. इसलिए सरकार इस विषय पर ठोस कानून बनाकर ऐसे मामलों पर प्रभावी रोक लगाए.