Saharanpur News: सहारनपुर में ग्राम प्रधान का अपमान! जातिसूचक शब्दों के आरोप पर SSP से शिकायत

Saharanpur News: सहारनपुर में ग्राम प्रधान अंकुर कुमार के साथ अभद्र व्यवहार और जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल का आरोप, पीड़ित परिवार ने SSP से शिकायत की। प्रधान संगठन ने SC/ST एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की मांग की.

SAHARANPUR NEWS

Newzo

• 04:35 PM • 22 May 2026

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Saharanpur News: सहारनपुर जिले में ग्राम प्रधान के साथ है अभद्र व्यवहार करने व जाति सूचक शब्दों से अपमानित करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई न होने के मामले को लेकर नई दृष्टि नव युग प्रधान संगठन के अध्यक्ष संजय वालिया के नेतृत्व में ग्राम प्रधान व पीड़ित परिवार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मिला और उन्हें संबंध में एक शिकायती पत्र भी दिया.

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आज ग्राम प्रधान संगठन के अध्यक्ष संजय वालिया के नेतृत्व में ग्राम प्रधान एवं पीड़ित परिवार पुलिस लाइन स्थित वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिनंदन से मुलाकात कर उन्हें दिए शिकायती पत्र में बताया कि थाना सरसावा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम छापुर के प्रधान अंकुर कुमार पुत्र राजकुमार के गांव के ही पूजा रानी पत्नी स्वर्गीय प्रवेश कुमार जो गांव में पिछले कई वर्षों से निवास भी नहीं करती है उक्त महिला गांव का निवास प्रमाण पत्र लेने के लिए उनके पास आई थी लेकिन मौके पर ग्राम प्रधान नहीं मिले और जब फोन पर वार्ता हुई तो ग्राम प्रधान अंकुर से है अभद्र व्यवहार जाति सूचक शब्दों से अपमानित किया.

परिजनों का आरोप है कि पूजा और उसके दो भाई बाद में फिर उनके घर पहुंचे लेकिन उसे समय भी ग्राम प्रधान अंकुर कुमार मौजूद नहीं थे तब भी उन लोगों ने  अपमानित शब्दों का प्रयोग कर पुणे धमकाने का प्रयास किया लेकिन उन्होंने फिर भी उनके प्रति सहानुभूति रखते हुए उन्हें वापस लौटा दिया.

जिससे ग्राम प्रधान की गरिमा को ठेस पहुंची संजय वालिया ने बताया ग्राम प्रधान अंकुर थाना सरसावा पहुंचे और पूजा के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराई, आरोप है कि पुलिस ने हल्की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया और ग्राम प्रधान क. साथ भेदभाव करते हुए पूजा को राहत प्रदान की जिसको लेकर ग्राम प्रधानों में गुस्सा बना हुआ है और ग्राम प्रधानों के मान सम्मान को भी ठेस पहुंची है.

उन्होंने मांग करते हुए कहा कि पूजा और उसके भाई पंकज के खिलाफ एससी एसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज कर सख्त कानून कारवाई की जाए अन्यथा ग्राम प्रधान सड़क पर उतर आंदोलन करने को मजबूर होंगे.