रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी को जारी ध्वस्तीकरण नोटिस के बीच यूनिवर्सिटी की एक छात्रा ने सरकार से अपील की है कि इस संस्थान को बंद या ध्वस्त करने के बजाय इसे आगे बढ़ाने पर ध्यान दिया जाए. छात्रा का कहना है कि यहां की पढ़ाई और शिक्षकों का स्तर अच्छा है और खासकर आसपास के इलाकों की छात्राओं के लिए यह यूनिवर्सिटी शिक्षा का महत्वपूर्ण केंद्र है.
ADVERTISEMENT
'मैं बीएससी एग्रीकल्चर की टॉपर हूं'
यूनिवर्सिटी की छात्रा सिजरुल निशा ने बताया कि उन्होंने साल 2022 में बीएससी (ऑनर्स) एग्रीकल्चर में प्रवेश लिया था और इस वर्ष पासआउट हुई हैं. उन्होंने कहा कि वह बीएससी एग्रीकल्चर की टॉप छात्राओं में शामिल हैं. उनके अनुसार इस बार बीएससी एग्रीकल्चर के दो छात्रों का चयन सरकारी एजीटीए (AGTA) में भी हुआ है.
छात्रा सिजरुल निशा ने कहा कि यूनिवर्सिटी में पढ़ाई, लैब क्लास और फील्ड वर्क अच्छे तरीके से कराया जाता है. उनके मुताबिक, उनके पिता किसान हैं और परिवार ने उन्हें दूर के शहरों की बजाय पास में स्थित जौहर यूनिवर्सिटी में पढ़ने के लिए भेजा था.
'बाहर लगा कैंप देखकर नए छात्र डर जाएंगे'
यूनिवर्सिटी के बाहर प्रशासन द्वारा लगाए गए काउंसलिंग कैंप पर भी छात्रा ने अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि उनका रिजल्ट 15 जुलाई को आना था और इसी दौरान यूनिवर्सिटी के बाहर कैंप लगाया गया. छात्रा ने कहा कि इससे नए एडमिशन लेने आने वाले छात्र-छात्राएं डर सकते हैं. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि जब उन्होंने 2022 में प्रवेश लिया था, तब भी ऐसी स्थिति थी, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने यहां एडमिशन लिया और पढ़ाई पूरी की.
'यूनिवर्सिटी तोड़ना सही नहीं, इसे आगे बढ़ाया जाए'
रामपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी (RDA) की ओर से यूनिवर्सिटी की इमारतों को लेकर जारी नोटिस पर छात्रा ने कहा कि उनके अनुसार यह ठीक नहीं है. उन्होंने कहा कि यह शिक्षा का केंद्र है और सरकार को इसे आगे बढ़ाने का प्रयास करना चाहिए. उन्होंने कहा कि अगर पास में ऐसी यूनिवर्सिटी होगी तो आसपास की लड़कियां आसानी से पढ़ाई कर सकेंगी. दूर शहरों में पढ़ने भेजने में कई परिवारों को दिक्कत होती है. उन्होंने कहा कि सरकार 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' की बात करती है, इसलिए ऐसे संस्थानों को मजबूत किया जाना चाहिए.
सिजरुल निशा ने कहीं ये बातें
सरकार से की अपील
छात्रा ने सरकार से अपील करते हुए कहा कि यूनिवर्सिटी को बंद या ध्वस्त करने के बजाय इसे बेहतर बनाने पर ध्यान दिया जाए, ताकि यहां के छात्र-छात्राएं आगे बढ़ सकें और रामपुर के साथ-साथ उत्तर प्रदेश का भी नाम रोशन कर सकें.
ADVERTISEMENT











