Raebareli News: रायबरेली में गंगा का जलस्तर बढ़ने से बढ़ीं धड़कनें, गोकना घाट पर छह सीढ़ियां जलमग्न, डूबीं तैयार फसलें

Newzo

• 11:04 AM • 16 Jul 2026

Raebareli Flood Alert: पहाड़ों में लगातार बारिश के बाद गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. रायबरेली के ऊंचाहार स्थित गोकना घाट की छह सीढ़ियां पानी में डूब गई हैं. तटवर्ती खेत जलमग्न होने से तैयार फसलें बर्बाद होने लगी हैं. ग्रामीणों में दहशत है. प्रशासन ने निगरानी और राहत तैयारियां तेज कर दी हैं.

रायबरेली में गंगा का जलस्तर बढ़ने से बढ़ीं धड़कनें, गोकना घाट पर छह सीढ़ियां जलमग्न, डूबीं तैयार फसलें

रायबरेली में गंगा का जलस्तर बढ़ने से बढ़ीं धड़कनें, गोकना घाट पर छह सीढ़ियां जलमग्न, डूबीं तैयार फसलें

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Raebareli News: ऊंचाहार क्षेत्र के प्रसिद्ध गोकना घाट पर गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने से स्थानीय प्रशासन और ग्रामीणों की चिंताएं बढ़ गई हैं. पहाड़ों और ऊपरी इलाकों में हो रही लगातार बारिश के चलते पिछले 24 घंटों के भीतर गंगा का जलस्तर इतनी तेजी से बढ़ा है कि घाट की 6 सीढ़ियां पूरी तरह जलमग्न हो गई हैं. पानी के बढ़ते दबाव को देखकर तटवर्ती इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों में दहशत का माहौल है.

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​फसलों पर मंडराया संकट, किसान बेहाल

घाट के वरिष्ठ पुरोहित जितेंद्र द्विवेदी ने स्थिति की गंभीरता को रेखांकित करते हुए बताया कि गंगा का जलस्तर अनवरत बढ़ रहा है. पानी के बढ़ते दबाव के कारण घाट की सीढ़ियां ही नहीं, बल्कि नदी के किनारे निचले इलाकों में की गई खेती भी बुरी तरह प्रभावित होने लगी है. गंगा का उफनता पानी खेतों में घुस जाने के कारण किसानों की तैयार फसलें पूरी तरह डूब गई हैं, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान की आशंका सताने लगी है.

​दहशत में तटवर्ती गांव, राहत की मांग

​नदी का जलस्तर लगातार खतरे के निशान की ओर बढ़ने से तटवर्ती गांवों के निवासियों में डर का माहौल है. ग्रामीणों को डर है कि यदि जलस्तर इसी रफ्तार से बढ़ता रहा, तो पानी आबादी वाले इलाकों में भी घुस सकता है. स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द तटवर्ती इलाकों में सुरक्षा के उचित प्रबंध किए जाएं और प्रभावित किसानों के नुकसान का आकलन कर राहत कार्य शुरू किया जाए.

​प्रशासन अलर्ट पर

मामले को लेकर स्थानीय प्रशासन अलर्ट मोड पर है. राजस्व कर्मियों को प्रभावित क्षेत्रों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं. बाढ़ चौकियों को भी सक्रिय कर दिया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके.