Raebareli Mandi Bhav Today: बाहरी राज्यों से आवक घटने से उछले सब्जियों के दाम, त्योहारी सीजन से पहले जनता बेहाल, जानिए भाव

Newzo

• 09:45 AM • 15 Jul 2026

Raebareli Mandi Rates 15th july 2026: रायबरेली में सब्जियों की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है. बाहरी राज्यों से आवक घटने और बारिश से फसल प्रभावित होने के कारण टमाटर, प्याज और हरी मिर्च के दाम तेजी से बढ़े हैं. त्योहारी सीजन से पहले महंगाई ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है.

 बाहरी राज्यों से आवक घटने से उछले सब्जियों के दाम, त्योहारी सीजन से पहले जनता बेहाल, जानिए भाव

बाहरी राज्यों से आवक घटने से उछले सब्जियों के दाम, त्योहारी सीजन से पहले जनता बेहाल, जानिए भाव

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Raebareli Mandi Rates 15th july 2026: जिले में एक बार फिर सब्जियों के आसमान छूते दामों ने आम आदमी की थाली का स्वाद बिगाड़ दिया है. प्याज, हरी मिर्च और टमाटर के दाम एक बार फिर सातवें आसमान पर पहुंच गए हैं, जिससे गृहणियों के बजट का गणित पूरी तरह गड़बड़ा गया है. महीने भर पहले तक जो टमाटर 30 से 40 रुपये प्रति किलो बिक रहा था, वह अब खुदरा बाजार में 80 से 100 रुपये किलो तक पहुंच गया है. केवल टमाटर ही नहीं, बल्कि आलू, मटर, शिमला मिर्च, भिंडी, लौकी और अरबी जैसी रोजमर्रा की सब्जियों की कीमतें भी नई ऊंचाइयों को छू रही हैं.

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​बाहरी राज्यों से आवक कम होने से बढ़े दाम

​थोक व खुदरा व्यापारियों के अनुसार, देश के विभिन्न हिस्सों में मानसून की भारी बारिश और बाढ़ की वजह से सब्जियों की फसलें बड़े पैमाने पर बर्बाद हुई हैं. स्थानीय स्तर पर टमाटर की फसल लगभग समाप्त हो चुकी है, जिसके कारण अब बाहरी मंडियों पर निर्भरता बढ़ गई है. आवक कम और मांग अधिक होने की वजह से अचानक यह उछाल आया है.

रायबरेली खुदरा बाजार: सब्जियों के ताजा भाव

सब्जी भाव (₹/किलो)
टमाटर ₹80–100
प्याज ऊंचे भाव पर (सटीक दर उपलब्ध नहीं)
हरी मिर्च ऊंचे भाव पर (सटीक दर उपलब्ध नहीं)
आलू कीमतों में बढ़ोतरी
मटर कीमतों में बढ़ोतरी
शिमला मिर्च कीमतों में बढ़ोतरी
भिंडी कीमतों में बढ़ोतरी
लौकी कीमतों में बढ़ोतरी
अरबी कीमतों में बढ़ोतरी

​क्या कहते हैं दुकानदार?

सब्जी विक्रेता भीम ने बताया कि पिछले एक हफ्ते से टमाटर की कीमतों में भारी तेजी आई है. इस समय मंडी में थोक भाव 60 रुपये किलो है, जबकि फुटकर बाजारों में यह 80 से 100 रुपये किलो तक बिक रहा है. यही हाल अन्य हरी सब्जियों का भी है, जो खेतों में जलजमाव के कारण सड़ चुकी हैं.

त्योहारी सीजन से पहले गृहणियां निराश

सावन और आगामी त्योहारी सीजन की शुरुआत से ठीक पहले सब्जियों के दामों में आए इस उछाल ने मध्यम और गरीब वर्ग की चिंताएं बढ़ा दी हैं. गृहणियों का कहना है कि दाल और तेल के बाद अब सब्जियों के इस रुख ने रसोई का बजट पूरी तरह सीमित करने पर मजबूर कर दिया है. बाजार विशेषज्ञों की मानें तो जब तक मौसम सामान्य नहीं होता और नई फसल की आवक शुरू नहीं होती, तब तक कीमतों में बड़ी राहत की उम्मीद कम है.