Raebareli News: प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. मनोज कुमार पांडे ने जिले में चकबंदी कार्यों में हो रही देरी और लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों के साथ पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में समीक्षा बैठक की. बैठक में अपर जिलाधिकारी (चकबंदी) समेत संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे. मंत्री ने लंबित मामलों का समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.
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मंत्री ने समीक्षा के दौरान उन गांवों पर नाराजगी जताई, जहां पिछले कई वर्षों से चकबंदी की प्रक्रिया लंबित है. उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन की मंशा के अनुरूप सभी लंबित मामलों का जल्द निस्तारण किया जाए, ताकि ग्रामीणों को अपने ही मामलों के लिए विभागों के चक्कर न लगाने पड़ें और किसी भी स्तर पर उनका उत्पीड़न न हो.
डॉ. मनोज कुमार पांडे ने कहा कि चकबंदी प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती जाए और गरीब तथा आम लोगों को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि चकबंदी प्रक्रिया का गलत तरीके से लाभ उठाने या इसे कमाई का माध्यम बनाने वालों पर कड़ी नजर रखी जाए.
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि करीब तीन ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से चकबंदी नहीं कराने की मांग की है. मंत्री ने कहा कि जनभावनाओं का सम्मान करते हुए इन गांवों को चकबंदी प्रक्रिया से बाहर करने का प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा.
इसके अलावा सदर एवं अन्य विधानसभा क्षेत्रों की 4 से 5 ग्राम पंचायतों में चकबंदी का कार्य पूरा होने के बावजूद धारा-52 की रिपोर्ट लंबित होने से गजट अधिसूचना जारी नहीं हो सकी है. मंत्री ने अधिकारियों को तत्काल रिपोर्ट शासन को भेजने के निर्देश दिए, ताकि गजट जारी कर चकबंदी प्रक्रिया को औपचारिक रूप से समाप्त किया जा सके.
बैठक में अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) विशाल यादव, क्षेत्राधिकारी नगर आशीष निगम, तहसीलदार सदर आकृति श्रीवास्तव, एसओसी केलकर सिंह, चकबंदी अधिकारी अशोक कुमार, मनोज पांडेय, जिला पंचायत राज अधिकारी विनय सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी उबेदुर्ररहमान सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे.
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